30 जून 2010

वारदात- ब्राजील की युवती से बलात्कार

राजधानी दिल्ली एक बार फिर शर्मसार हुई। जब एक विदेशी छात्रा ने अपने मकान मालिक पर बलात्कार का आरोप लगाया। छात्रा का आरोप है कि मकान मालिक ने कॉफी में नशीला पदार्थ मिलाकर उसके साथ दो दिन तक बलात्कार किया। छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। कुछ दिन पहले भी दो विदेशी युवतियों ने गाइड पर बलात्कार का आरोप लगाया था। हेडर...विदेशी युवती के साथ रेप, नशीला पदार्थ मिला पिलाई कॉफी, दो दिन तक किया बलात्कार. आरोपी मकान मालिक गिरफ्तार
वीओ वन... फिर शर्मसार हुई दिल्ली... दिल्ली के दामन पर लगा बदनुमा दाग... विदेशी युवती को बनाया.. हवस का शिकार। 27 साल की इस युवती को दिल्ली से सटे नोएडा के इंस्टीट्यूट में एडमिशन लेना था, इसी मकसद से ये भारत आई थी और दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में 19 जून को एक कमरा किराए पर लिया। लेकिन अगले दो दिन यानी 20 जून और 21 जून को उसके साथ जिंदगी में वो हुआ जो उसने कभी नहीं सोचा था... छात्रा का आरोप है कि उसके मकान मालिक अमरजीत ने उसे अपनी हवस का शिकार बना डाला... विदेशी मेहमान के साथ की गई ये हरकत शर्मसार करने वाली है। दो बार घिनौनी वारदात को अंजाम देने के बाद अमरजीत की हवस और बढ गई। 27 जून 2010 को जब एक बार फिर मकान मालिक ने उसे हवस का शिकार बनाना चाहा तो किसी तरह वो बचकर निकल गई और एक वकील की मदद से 29 जून 2010 को चितरंजन पार्क थाने में शिकायत दर्ज कराई। छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स होने में चंद रोज ही बचे है। ऐसे में विदेशी महिलाओं के साथ इस तरह की घटना दिल्ली पर बदनुमा दाग है। ऐसे में गेम्स के दौरान विदेशी किस कदर खुद को सुरक्षित महसुस करेगे.. यह बड़ा सवाल है।

वारदात- दिल्ली में बदमाशों का कहर

दिल्ली अब दिल वालों की नही खौफ की.. दहशत की राजधानी बन चुकी है। यहां डर लगता है.. मौत कब दस्तक दे... लुटेरे कब लूट ले और कब आपकी जिंदगी खत्म हो जाए कहा नही सजा सकता है। 24 घंटे में बदमाशों ने दहशत का ऐसा खेल खेला की दिल्ली थर्रा उठी। किसी की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई तो किसी को लूट के इरादे से बदमाशों ने अपना शिकार बनाया।
दिल्ली.. जहां खौफ बसता है.. लोग दहशत में जीते है। चंद रूपयों की खातिर इनसान का कब लाश बना दिया जाए सोचकर डर लगता है। बाहर क्या लोगों को घर में भी कम खतरा नही है। घरों में लोग दहशत के साये में जी रहे है। बुधवार सुबह से ही बदमाशों ने दहशत का खेल खेलना शुरू किया.. सुबह करीब साढे छ बजे पुलिस को खबर मिली की नरेला के सेक्टर ए-5 में युवक को गोली मार दी गई है। पुलिस मौके पर पहुंच तो जगबीर नाम के पोपर्टी डीलर दम तोड चुका था। उसके शरीर में नौ गोली मारी गई थी। पुलिस को जांच में पता चला कि जगबीर मॉर्निंग वॉक के लिए आया था। उसी दौरान बाइक पर आए बदमाशों ने उसपर फायरिंग कर दी जिससे जगबीर की मौके पर ही मौत हो गई। जगबीर का पोपर्टी डीलिंग का काम था माना जा रहा है कि पोपर्टी विवाद में उसकी हत्या की गई है। हालांकि अभी तक पुलिस इस मामले में किसी को गिरफ्तार नही कर पाई है।
बदमाश का कहर नही थमा... नरेला के बाद बदमाशों ने दिल्ली के करोल बाग में मोबाइल शॉप पर काम करने वाले एक युवक को निशाना बनाया। पुलिस के मुताबिक सुनील नाम का कर्मचारी आईसीआईसीआई बैंक में रकम जमा कराने जा रहा था। सुनील रास्ते में एक मंदिर में रूका। पिछे कर रहे बाइक सवार बदमाशों ने सुनील से बैग छिनने की कोशिश की। सुनील ने इसका विरोध किया तो बदमाशों ने गोली चला दी। गोली की आवाज सुनकर आस-पास के लोग जमा होते देख.. बदमाश फरार हो गए। घायल सुनील को गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बदमाश रकम लूटने में नाकाम रहे। दिल्ली की हाईटेक पुलिस बदमाशों पर नकेल कसने के दावे करती है। लेकिन सरेराह.. सरेआम कत्ल और लूट की वारदात पुलिस के दावों की कलई खोल देती है। आखिर देश की राजधानी में आम आदमी खुद को कैसे महफूज महसुस करे।

वारदात-जेल के बाहर कत्ल की साजिश

जेल में बंद होकर भी साजिश रचते है। अपने मंसूबों को पूरा करने की नापाक साजिश रचते है वों। दुश्मन को मिटाने के लिए जेल में कत्ल से नही कतराते। मोगा पुलिस ने ऐसे दो शातिर बदमाश को गिरफ्तार किया है जो जेल के अंदर हत्या करने के मकसद से आए थे। जबकि उनका एक साथी भगाने में कामयाब हो गया। मोगा पुलिस की गिरफ्त में आए ये शातिर बदमाश है....जो अपने दुश्मनों को खत्म करने जेल में पहुंच गए...दोनों बदमाश हथियारों से लैस थे...इससे पहले की वारदात को अंजाम देते मोगा पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया। इनका एक साथी भागने में कामयाब रहा....पुलिस के मुताबिक तीन बदमाश मोगा की सब जेल में अपने साथियों के साथ मिलने आए हुए थे...और इनके पास बंदूक और तंमचे भी थे...इससे पुलिस को इन पर शक हुआ और इन्हे गिरफ्तार कर लिया,,,पुलिस ने जेल के बाहर खड़ी इन बदमाशों की गाड़ी को भी बरामद कर लिया है...पुलिस ने गाड़ी से भी हथियार बरामद किए है।
मोगा की इस जेल में दो गुटों के बीच खूनी जंग चल रही है...और इसी के चलते एक गुट ने दूसरे पर हमला करवाने के लिए इन दोनों बदमाशों को बुलाया था...पुलिस ने एहतियात के तौर पर जेल की जांच भी कराई थी। पिछले काफी दिनों से जेल में बंद गुटों के बीच जेल के बाहर गैंग वॉर जारी है.....और दोनों गुट अब जेल में बंद एक दूसरे के दुश्मनों को ठिकाने लगाने की साजिश रच रहे है
पुलिस इनके फरार तीसरे साथी की तलाश में जुट गई है....इसके अलावा जेल प्रशासन ने जेल में बंद चुंनिदा कैदियों को अलग-अलग जेलों में शिफ्ट कर दिया है। ताकि फिर से कोई ऐसी साजिश को रचने की कोशिश ना करे....प्रशासन ने कैदियों की सुरक्षा के लिए जेल में सुरक्षा इंतज़ामों को भी कड़ा किया है।

29 जून 2010

मौत का सौदा

मुजफ्फर नगर पुलिस ने अवैध हथियारों का जखीरा बरामद किया है। पुलिस ने एक फैक्ट्री पर छापा मारकर इन हथियारो को बरामद किया। हथियार एडवांस बुकिंग पर तैयार किए जा रहे थे और इनका चुनाव के दौरान इस्तेमाल किया जाना था। इस सिलसिले में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है।
हथियारों का ये जखीरा मुजफ्फर नगर पुलिस ने गांव जोला में छापा मारकर बरामद किया है। हथियारों को तैयार कर बदमाशों को दिया जाता उससे पहले पुलिस ने भंडाफोड कर दिया। अब जरा इस युवक को देखिए.. यही इन हथियारों को तैयार करने वाला है। इसको किसी की जान से भला क्या लेना देना। इसके बनाए हथियार अब तक ना जाने कितने परिवारों को उजाड चुके है। लेकिन जान मोहम्मद को तो सिर्फ पैसों से मतलब है।.. हथियार को इस्तेमाल कौन.. किस मकसद के लिए कर रहा है इसके बारे मे ये एक बार भी नही सोचता।
इन हथियारों को आगामी ग्राम प्रधानी के चुनाव के लिए एडवांस बुकिंग पर तैयार किया जा रहा था। जिनका इस्तेमाल चुनाव में फायरिंग के लिए किया जाता। हथियार भले की अवैध तरीके से बनाए जा रहे हो लेकिन इन्हें बनाने वालों का दावा है कि ये पूरी तरह से कारगर है। 15 बोर का देशी तमंचा 1500 रूपये में बेचता था। जान मोहम्मद इस धंधे में लंबे अर्से से लगा है। हालांकि हथियार बनाने की वजह से पांच साल पहले भी जेल जा चुका है।
पुलिस भी मानती है कि मुजफ्फर नगर का गांव जोला में अवैध रूप से हथियार बनाने का काम होता है। पुलिस कार्रवाई को पुलिस अधिकारी बड़ी कामयाबी मान रहे है। लेकिन इसी गांव में अब भी कई ऐसी ही फैक्ट्रियां चल रही है। पुलिस उनपर कब तक लगाम लगाती है ये देखने वाली बात होगी।

हाथ लगा हथियार

अशोक विहार ऑनर किलिंग केस में अब कडियां जुडने लगी है। जांच के दौरान वारदात में इस्तेमाल हथियार पुलिस ने बरामद कर लिया है। पुलिस ने पिस्टल को ऋषिकेश से बरामद किया है। दो बहनों और बहनोई की हत्या मामले में तीन आरोपियों को गढमुक्तेश्वर से गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि हथियार को गंगा में फेंक दिया है। इस तिहरे हत्याकांड में पिस्टल पुलिस के लिए एक अहम सबूत है।
तीन घंटे, तीन कत्ल और तीन आरोपी। इस तिगड़ी ने दिल्ली पुलिस को पसीना पसीना कर दिया। लेकिन इस तिहरे हत्याकांड में अब दिल्ली पुलिस के हाथ अहम सुराग लग गये है। पुलिस ने मोनिका, कुलदीप और शोभा की हत्या में इस्तेमाल पिस्टल को ऋषिकेश से बरामद किया है। गढमुक्तेश्वर से गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने तीन आरोपी मंदीप, अंकित और निक्कू को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर लिया था। उसके बाद पुलिस आरोपी को लेकर देहरादून, और ऋषिकेश गई। दरअसल गाजियाबाद पुलिस को तीनों ने बताया था कि वारदात के बाद तीनों इन जगहों पर ठहरे थे।
गिऱफ्तारी के बाद तीनों ने बताया था कि वारदात में इस्तेमाल हथियार को गंगा नदी में फेंक दिया था। ऐसे में पुलिस के लिए हथियार बरामद कर पाना बेहद मुश्किल था लेकिन जिस तरह से पुलिस गिरफ्त में आने के बाद आरोपी अंकित ने खुद को कातिल साबित करने की चुनौती पुलिस को दी थी। उससे हथियार को लेकर पुलिस का शक गहराने लगा था। आखिरकार हथियार मिलने के बाद इस मामले में पुलिस पक्ष मजबुत दिख रहा है। फिलहाल पिस्टल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। अब पुलिस को साबित करना है कि इसी पिस्टल से मोनिका, कुलदीप और शोभा की हत्या की गई थी।
ऑनर किलिंग के तीनों आरोपियों को एक जुलाई को रोहिणी कोर्ट में पेश किया जाना है। ऐसे में पुलिस के हाथ पिस्टल तो लग गया है। लेकिन आरोपियों के कपडों और अन्य सबूतों की तलाश जारी है।

जिंदा हूं मैं

वो मरकर भी जिंदा है.. और जिंदा होकर भी मरा हुआ। परिवार भी उसका दाहसंस्कार कर चुका है। ये अजीबो गरीब दास्तां है पंजाब के एक शख्स की। जो दुनिया के नजरों में मर चुका है। लेकिन दिल्ली पुलिस ने मर चुके युवक का सारा खेल उसे जिंदा पकड कर बिगाड दिया
एक बार जिसे मौत ने अपना लिया.. वो फिर कभी वापिस नही लौटा.. लेकिन एक शख्स ऐसा भी है जिसने मौत को मात दी। वो मरकर भी लौट आया है। मौत को मात देकर भी से जिंदा होने वाला ये है कर्मा अग्रवाल.. जिसके पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मौत हो चुकी है। इसके परिवार ने बाकायदा अंतिम संस्कार भी कर दिया है। लेकिन जो खेल इस शातिर ने खेला उसे दिल्ली पुलिस ने बिगाड दिया है। पुलिस को जब 22 जून को भलस्वा डेरी नाले से युवक को शव मिला। शव की पहचान कर्मा अग्रवाल के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक कर्मा अग्रवाल ने अपने साथी सत्यपाल से साथ मिलकर किसी अनजान युवक की हत्या कर उसे अपने कपडे पहना दिये। और उसमें अपने फोटो और पहचान पत्र भी रख दिया। शव की कर्मा की पत्नी ने पहचान की।
कर्मा ने शातिराना जाल बुना था जिसमें ये खुद ही फंस गया। कर्मा अग्रवाल मुलरूप से पंजाब का रहने वाला है। और इसपर एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मुकदमे दर्ज है। बस इन्हें से बचने के लिए कर्मा ने ये साजिश रची थी। पुलिस के मुताबिक कर्मा ने अपने साथी के साथ मिलकर अनजान युवक की हत्या की। शव को जलाकर को भलस्वा डेरी नाले में फेंक दिया। पुलिस ने लाश बरामद होने और फिर उसकी पहचान हो जाने के बाद मामले में हत्यारे की तलाश शुरू की। लेकिन कोई सुराग हाथ नही लगा.. इसी दौरान पुलिस को जानकारी मिली की जिस कर्मा अग्रवाल की हत्या का मामला पुलिस ने दर्ज किया है वो जिंदा है और भलस्वा डेरी इलाके में ही रह रहा है। पुलिस ने टीम का गठन किया और भलस्वा से कर्मा को धर दबोचा।
खुद को आरोपो से बचाने के लिए कर्मा ने साजिश तो शातिराना चली थी। उसमें कामयाब भी हो गया लेकिन गुनाह के निशान मिटने नही और ये शातिर अपने साथी के साथ पुलिस गिरफ्त में आ गया। हालांकि अभी तक उस शव की पहचान नही हो सकी है जिसको कर्मा और उसके साथी ने मारा था।

26 जून 2010

इज्जतदार कातिलों को पुलिस रिमांड

इज्जत के नाम पर बहनों को मौत देने वाले तीन भाईयों को रोहिणी कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने तीनों को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। यूपी पुलिस ने तीनों आरोपियों को गढमुक्तेशवर से गिरफ्तार किया था। आरोपी मंदीप, अंकित और निक्कू पर दो बहनों और बहनोई की हत्या का आरोप है।
इज्जत की दुहाई देकर बहनों को मौत देने वाले मंदीप, अंकित और निक्कू को रोहिणी कोर्ट में पेश किया गया। दिल्ली पुलिस ने अदालत से तीनों को दस दिन के रिमांड की मांग की थी। लेकिन अदालत ने तीनों को पांच दिन की पुलिस रिमांड दी। पुलिस ने दलील दी कि पूछताछ कर वारदात से संबधित अहम सुराग जुटाने है। याद रहे कि अभी तक पुलिस के हाथ वारदात में इस्तेमाल किया गया पिस्टल भी नही लगा है। तीनों पर मोनिका, कुलदीप और शोभा की हत्या का आरोप है। 20 जून को दो बहनों और बहनोई की हत्या के बाद से तीनों फरार चल रहे थे। और यूपी पुलिस ने चैंकिंग के दौरान इन्हें गढमुक्तेश्वर से गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने शुक्रवार को रोहिणी कोर्ट से इन तीनों का प्रॉडक्शन वॉरंट जारी कराया। हालांकि, कानूनन दिल्ली पुलिस इन तीनों को गुरुवार रात में ही बगैर ट्रांजिट रिमांड या प्रॉडक्शन वॉरंट लिए भी दिल्ली ला सकती थी। सरकारी वकील ने दी कि पीड़ितों को ठिकाने लगाने के लिए गहरी साजिश रची गई जिन्होंने अपने परिवारों की इच्छा के विपरीत शादियां कीं। अभियुक्तों को उकसाने वाले और साजिशकर्ताओं के नामों का भी पता लगाया जाना है। वारदात में इस्तेमाल पिस्टर और आरोपियों के कपड़ों जैसी अन्य सामग्री अभी बरामद की जानी बाकी है और इस उद्देश्य के लिए पुलिस को उन्हें देहरादून तथा ऋषिकेश ले जाना होगा।
अब दिल्ली पुलिस के पास महज पांच दिन है। अभी तक पुलिस के हाथ परिस्थिजन्य साक्ष्य ही मौजूद है। पुलिस के पास अभी तक कोई चश्मदीद गवाह नही है जिसने हत्या होते हुए देखा हो। ऐसे में तीनों को मोनिका, कुलदीप और निक्कू का कातिल साबित पुलिस के लिए मश्किल भरा हो सकता है।

ममता और मोहब्बत

क्या कोई मां अपने जिगर के टुकडे को खुद से अलग कर सकती है। जवाब देना थोडा मुश्किल होगा। लेकिन लुधियाना में एक मां ऐसी भी है। जिसने आशिक के लिए अपने बच्चे को सड़क किनारे फेंक दिया। लेकिन अब वो बेरहम मां पुलिस गिरफ्त में है। इस मासूम की गुनाहगार इसकी मां है। जिसने जन्म दिया और फिर खुद से हमेशा के लिए जुदा करने की तैयारी कर ली। इस मासूम को इसी की मां ने यमुनानगर में सड़क किनारे फेंक दिया। वजह थी मोहब्बत... ममता मोहब्बत के सामने हार गई और इसकी मां वीना इसे छोडकर अपने आशिक के साथ फरार हो गई। सूरज के गायब होने की जानकारी उसके पिता शिवकुमार ने पुलिस को दी। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच की तो सूरज मिल गया। उसके बाद वीना भी घर लौट आई अब वो अपने बच्चे को पाने के लिए थाने के चक्कर काट रही है।
दरअसल वीना एक कंपनी में काम करती थी। वहीं काम करने वाले मनोज से उसको प्रेम हो गया। दोनों शादी करना चाहते थे। लेकिन ये मासूम दोनों के बीच दीवार बना हुआ था। बस इसी लिए वीना ने सूरज को सड़क किनारे फेंक दिया और मनोज के साथ भाग गई। लेकिन जब पुलिस ने मनोज के भाई से पूछताछ की तो सारा राज खुल गया और दोनों पुलिस गिरफ्त में आ गए।
अब वीना बच्चे को पाने के लिए नई दलीलें दे रही है। वहीं पुलिस ने मासूम सूरज को बालभवन में रखा है। लेकिन इस घटना ने ममता को शर्मसार कर दिया।

24 जून 2010

गिरफ्त में जालिम भाई

दिल्ली ऑनर किलिंग मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। दो बहन और बहनोई को मौत के घाट उतारने वाले अंकित, मंदीप और निक्कू को यूपी पुलिस ने गढमुक्तेश्वर से गिरफ्तार कर लिया। तीनों को वाहन चैकिंग के दौरान गिरफ्तार हुई। पुलिस ने उस आई टेन कार को भी बरामद कर लिया है जिसमें तीनों फरार हुए थे।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 20 जून को सबसे पहले मंदीप की बहन शोभा को शाम करीब साढे छह बजे अशोक विहार फेज एक में बुलाया था। जिसके बाद उसकी कार में गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसके बाद मोनिका के पति कुलदीप को वारदात वाली जगह फोन करके बुलाया गया। वहीं पर कुलदीप की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई। दो कत्ल करने के बाद तीनों मोनिका के घर पहुंचे और वहां पर मोनिका की भी गोली मारकर हत्या कर दी।
तीन दिन मे हुई तीन हत्याओं से परेशान दिल्ली पुलिस ने जांच की तो पता चला कि अंकित, मंदीप और निक्कू लापता है। पुलिस ने तीनों की सरगर्मी से तलाश शुरू की। पुलिस ने तीनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया। पूछताछ में इन्होंने बताया कि गांव में बदनामी की वजह से इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। लेकिन पुलिस गिरफ्त में आने के बाद ये खुद को बेकसूर बता रहे है। खुद सुन लिजिए क्या कहना है जल्लाद भाईयों का।
मोहब्बत के ये कातिल अब भी अकड में है। यहां तक की पुलिस को खुद को कातिल साबित करने की चुनौती दे डाली। पुलिस को अभी तक वारदात में इस्तेमाल पिस्टल नहीं मिली है।

20 जून 2010

डिमोलेशन का डर

दिल्ली में अवैध कॉलोनियों में निर्माण कार्य को ढहाने के लिए सरकार सख्त हो गई है। आए दिन कहीं ना कहीं डिमोलेशन किया जा रहा है। डिमोलेशन का डर लोगों को इतना सताने लगा है कि वो खुदकुशी करने को मजबूर हो गए है। ऐसा है सनसनीखेज मामला सामने आया है बाहरी दिल्ली के नरेला इलाके में जहां एक शख्स ने घर टूटने के डर से आत्मदाह कर लिया। परिजनों के मुताबिक कल मंगलवार को गौतम कॉलोनी में तोडफोड होने वाली थी जिसके डर से सोमपाल ने ये कदम उठाया। सोमपाल की पत्नी के मुताबिक कुछ दिन पहले भी तोडफोड दस्ता पहुंचा था लेकिन किसी तरह हाथ पैर जोडकर उन्होंने घर को बचा लिया। लेकिन मंगलवार को होने वाले डिमोलेशन को लेकर सोमपाल टेंशन में था। कई साल पहले मेहनत मजदूरी करने वाले सोमपाल ने पचास गज का प्लाट खरीदा था और उसके टूटने के डर से उसने खुद को आग लगा ली। सत्तर फीसदी झुलसी हालत में सोमपाल को राजा हरिशचन्द्र अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसने दम तोड दिया। अब पूर्ण देवी को चिता है कि उसके चार बच्चों का क्या होगा।

17 जून 2010

अस्पताल में मिले हथियार

एंकर... दिल्ली के नामी अस्पताल संजय गांधी ममोरियल अस्पताल में अवैध हथियार मिलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ये हथियार गार्ड ऑफिस के लॉकर से बरामद हुए है। जिनमें चार पिस्टल, दो चाकू और 75 जिंदा कारतूस है। पुलिस ने इस सिलसिले में राकेश, दीपक और सत्यरंजन नाम के तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि दो लोगों की तलाश कर रही है। इस बात का खुलासा उस वक्त हुआ जब पुलिस मंगोलपुरी में चार दिन पहले हुए ओमप्रकाश नामक युवक की हत्या की तफ्तीश कर रही थी। जब जांच के सिलसिले में पुलिस अस्पताल के गार्ड ऑफिस में पहुंची तो तलाशी के दौरान हथियार बरामद हुए। हथियार मिलने के बाद अस्पताल में हडकंप मचा हुआ है।

आरोपियों को १४ दिन की न्यायिक हिरासत

एंकर... स्वरूप नगर प्रेमी जोडे की हत्या के मामले में गिरफ्तार सभी पांच आरोपियों को अदालत ने चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने लडकी की मां, ताई और भाई को कल गिरफ्तार किया था। तीनों को दिल्ली के गोकुलपुरी से गिरफ्तार किया गया। लड़की के पिता और चाचा को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
हेडर.. स्वरूप नगर डबल मर्डर केस, सभी पांच आरोपी गिरफ्तार, आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, प्रेमी जोडे की हत्या के आरोपी
वीओ वन.. जब गुनाह नही छुपता तो गुनाहगार कब तक छुपते.. आशा और योगेश के हत्यारे भला कब तक छुपते.. वो तो प्यार के कातिल थे.. प्रेमी जोडे की हत्या के मामले में आखिरकार पुलिस ने सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। लडकी की मां-माया, ताई खुशबु और भाई संजीव को पुलिस ने बुधवार को गोकुलपुरी से गिरफ्तार किया। जहां ये तीनों आशा की बुआ के घर छुपे हुए थे। पुलिस लडकी के पिता और ताऊ को दो दिन पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है जिन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया था।
बाइट... एन एस बुंदेला, डीसीपी
वीओ टू.. गिरफ्तार सभी पांचों आरोपियों को रोहिणी कोर्ट में पेश किया गया.. जहां अदालत ने पांचों आरोपियों को चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सभी पांच आरोपियो पर प्रेमी जोडे की बेरहमी से हत्या का आरोप है। दरअसल आशा के परिजनों ने दोनों की हत्या उनके प्रेम प्रसंग से नाराज होकर की थी। दोनों की लाश सोमवार सुबह स्वरूप नगर इलाके के एक मकान से बरामद हुई थी। जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी।

आरोपियों को १४ दिन की न्यायिक हिरासत

एंकर... स्वरूप नगर प्रेमी जोडे की हत्या के मामले में गिरफ्तार सभी पांच आरोपियों को अदालत ने चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने लडकी की मां, ताई और भाई को कल गिरफ्तार किया था। तीनों को दिल्ली के गोकुलपुरी से गिरफ्तार किया गया। लड़की के पिता और चाचा को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
हेडर.. स्वरूप नगर डबल मर्डर केस, सभी पांच आरोपी गिरफ्तार, आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, प्रेमी जोडे की हत्या के आरोपी
वीओ वन.. जब गुनाह नही छुपता तो गुनाहगार कब तक छुपते.. आशा और योगेश के हत्यारे भला कब तक छुपते.. वो तो प्यार के कातिल थे.. प्रेमी जोडे की हत्या के मामले में आखिरकार पुलिस ने सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। लडकी की मां-माया, ताई खुशबु और भाई संजीव को पुलिस ने बुधवार को गोकुलपुरी से गिरफ्तार किया। जहां ये तीनों आशा की बुआ के घर छुपे हुए थे। पुलिस लडकी के पिता और ताऊ को दो दिन पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है जिन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया था।
बाइट... एन एस बुंदेला, डीसीपी
वीओ टू.. गिरफ्तार सभी पांचों आरोपियों को रोहिणी कोर्ट में पेश किया गया.. जहां अदालत ने पांचों आरोपियों को चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सभी पांच आरोपियो पर प्रेमी जोडे की बेरहमी से हत्या का आरोप है। दरअसल आशा के परिजनों ने दोनों की हत्या उनके प्रेम प्रसंग से नाराज होकर की थी। दोनों की लाश सोमवार सुबह स्वरूप नगर इलाके के एक मकान से बरामद हुई थी। जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी।

रोब का चस्का

जब उसके तन पर पुलिस की वर्दी थी तो रोब खूब गांठता। लेकिन जब वर्दी उतरी तो रोब कतई कम नही हुआ। उसके पहले जैसे तेवर थे.. रोब भी खूब गांठता.. दो साल तक महकमें के साथ आंख मिचौली खेलता रहा। दिल्ली पुलिस ने ऐसे ही शातिर को गिरफ्तार किया है जो पुलिस वाला बनकर खूब ऐश काट रहा था। लेकिन इस बार वो पुलिस के शिकंजे में आया तो सारा राज फाश हो गया।
दिलबर नाम के इस शख्स को पुलिस की वर्दी तो रास नही आई.... हां पुलिस का रूतबा इतना रास आया की दो साल तक रोब गांठता रहा.. पुलिस ने इस शातिर को धोखाधडी के आरोप में गिरफ्तार किया है। धोखाधडी भी दिल्ली पुलिस से.. दिलबर को अलीपुर से उस वक्त गिरफ्तार किया गया जब ये अपनी सेवोलेट गाडी से कहीं जा रहा था कि पिकेट पर चैकिंग के दौरान भागने लगा। जब पुलिस वालों ने रोककर पुछताछ की तो खुद को पुलिस वाला बताने लगा। इसकी गाडी पर दिल्ली पुलिस का स्टीकर, डैश बोर्ड पर फाइल और कुछ कागजात रखे थे। इतना ही नही जनाब के पास दिल्ली पुलिस का आई कार्ड भी था।
बाइट... छाया शर्मा, डीसीपी दिल्ली
वीओ टू.. पुलिस के मुताबिक साल 2006 मे दिलबर दिल्ली पुलिस में बतौर कांस्टेबल भर्ती हुआ था। और चाणक्यपुरी थाने में तैनात था.. इसी दौरान इसका सिलेक्शन दिल्ली प्रशासनिक विभाग में हो गया.. तो इसने पुलिस की नौकरी छोड दी लेकिन अपना आई कार्ड नही वापिस किया। ट्रैफिक नियमों के उल्लघंन और पार्किंग गाडी रोब से खडी करने के लिए इसने गाडी पर दिल्ली पुलिस का स्टीकर लगा रखा था।
बाइट... छाया शर्मा, डीसीपी दिल्ली
वीओ थ्री.. दिलबर इन दिनों अलीपुर के एक सरकारी स्कूल में हेड क्लर्क था.. लेकिन पुलिस के रूतबे से चलने वाला ये शातिर देर से ही सही पुलिस गिरफ्त में आ गया। अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि दो साल के दौरान इसने क्या क्या फर्जीवाडा किए है।

लिस ल

15 जून 2010

दिल्ली में तालिबान पार्ट वन

एंकर.. पहले उन्हें कुछ दिन के लिए जुदा किया गया.. लेकिन जब मोहब्बत उन्हें पास खिंच लाई तो परिवार ने दोनों को हमेशा के लिए जुदा कर दिया। बेरहमी से पीट-पीटकर दोनों की हत्या कर दी। जब इससे भी उन्हें चैन नही मिला तो दोनों को करंट लगया है। दो दीवानों के प्यार की ये खौफनाक दास्तांन है दिल्ली के स्वरूप नगर की। जहां दो प्यार करने वालों के दुश्मन उन्ही के परिवार वाले बन गए और उन्हें दी दर्दनाक मौत।
हेडर.. दिल्ली में ऑनर किलिंग, प्रेमी युगल की हत्या, करंट से दी मौत, परिवार वाले फरार
वीओ वन.. प्यार, हसरत और उन्हें पूरा करने की चाहत। उसके बाद घरवालों की रूसवाई... ऐसा आपको हर प्यार करने वाले की कहानी में मिल सकता है लेकिन योगेश और आशा की प्रेम कहानी इससे कहीं ज्यादा दर्दनाक और खौफनाक है। दिल्ली के स्वरूप नगर के इसी मकान में आशा और योगेश का बेरहमी से कत्ल कर दिया गया। दोनों की लाश सोमवार सुबह घर से बरामद हुई। पुलिस के मुताबिक दोनों के शरीर पर चोट के निशान थे और कंरट लगाकर उनकी हत्या की गई। पुलिस दोनों की हत्या को ऑनर किलिंग का मामला मानकर चल रही है।
बाइट... एन एस बुंदेला, डीसीपी
वीओ टू.. दिल्ली के गोकुलपुरी के रहने वाले योगेश और आशा एक दुसरे से प्यार करते थे। जब इसकी भनक आशा के परिवार को लगी तो उसे स्वरूप नगर में रहने वाले अंकल के पास भेज दिया। यहां आए आशा को अभी 15 दिन ही हुए थे। योगेश को इसी खबर लग गई। रविवार रात करीब ग्यारह बजे योगेश आशा से मिलने पहुंच गया। जब दोनों एक साथ थे तो आशा के अंकल को शक हुआ। पुलिस के मुताबिक दोनों को बंधक बना लिया और आशा के परिवार को बुलाकर दोनों के साथ मारपीट की..और करंट लगा दिया जिससे आशा और योगेश ने दम तोड दिया।
बाइट... एन एस बुंदेला, डीसीपी
वीओ थ्री... दोनों के साथ मारपीट को लेकर देर रात पडोसियों ने एतराज किया था जिसके बाद उन्हें पारिवारिक मामला बताकर जाने के लिए कह दिया गया। लेकिन सुबह के वक्त घर के बाहर कार खडी देखर पडोसियों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी... तो पूरी वारदात को खुलासा हुआ।
बाइट... चश्मदीद
वीओ फोर... वारदात के बाद से आशा का पूरा परिवार फरार है। पुलिस ने आशा के परिवार के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश कर रही है।

दिल्ली में तालिबान पार्ट टू

एंकर... स्वरूप नगर में प्रेमी जोडे की हत्या के मामले में पुलिस ने लड़की के आऊ और पिता को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। हालांकि अभी हत्या के तीन आरोपी फरार है।
हेडर.. इज्जत की खातिर किया कत्ल, कत्ल का नही मलाल, लड़की का पिता- ताऊ गिरफ्तार, दो दिन की पुलिस रिमांड
वीओ वन... आशा और योगेश का कत्ल महज इसलिए नही किया गया कि वो एक दूसरे से प्यार करते थे। कत्ल की वजह एक नही बल्कि तीन थी। पहला योगेश के अलग जाति का होना.. दूसरी उसका बेरोजगार होना और तीसरा आशा की शादी दुसरी जगह तय होना। हत्या के आरोप में गिरफ्तार आशा के पिता सूरज और ताऊ ओमप्रकाश ने खुलासा किया है... कि उन्होंने झुठी इज्जत की खातिर दोनों को मौत के घाट उतारा। ओमप्रकाश और सूरज को पुलिस ने कल देर शाम गिरफ्तार किया था। लेकिन इन्हें बेटी को मौत के घाट उतारने का कोई मलाल नही है।
बाइट.. सूरज, आरोपी
वीओ टू... प्रेमी जोडे के कत्ल के आरोप में गिरफ्तार ओमप्रकाश और सूरज को कोर्ट में पेश किया गया.. जहां से दोनों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। इस मामले में आशा की मां, ताई और भाई फरार है। आशा और योगेश के शव सोमवार की सुबह स्वरूप नगर के एक मकान से बरामद हुए थे। दोनों की पीट-पीटकर और करंट लगाकर बेरहमी से हत्या की गई थी।
बाइट... एन एस बुंदेला, डीसीपी
वीओ थ्री.. झूठी इज्जत की खातिर आशा और योगेश का कत्ल किया गया। पुलिस का दावा है कि वो जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी। लेकिन राजधानी में हुए प्रेमी जोडे के कत्ल से इलाके के लोग आश्चर्यचकित है।

03 जून 2010

दिल्ली के जीबी रोड इलाके से दिल्ली पुलिस ने एक लड़की को छुड़वाया है। इस लडकी को नेपाल से नौकरी दिलाने के बहाने दिल्ली लाया गया था जहां से इसे जिस्मफरोशी के धंधे में उतार दिया गया। किसी तरह छ महीने बाद इसने अपने साथ हुई घटना की जानकारी घरवालों को दी। बुधवार को लडकी के परिवार वाले पुलिस की मदद से जीबी रोड स्थित कोठे पर पहुंचे और लडकी को छुडाया। पुलिस को इस सिलसिले में लडकी को बेचने वाले शख्स की तलाश है।
दिल्ली के गुलाबी बाग इलाके में बीती देर शाम एक तेज रफ्तार ब्लू लाईन बस ने बच्ची को कुचल दिया। बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। ये हादसा उस वक्त हुआ जब ढेड साल की मासूम करिश्मा को लेकर उसकी मां घर जा रही थी कि अचानक तेज रफ्तार बस ने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया। किसी तरह करिश्मा की मां तो बस से दूर गिर गई जबकि उसे रूट नं. 142 की बस ने अपनी चपेट में ले लिया। ये बस दिल्ली के जहांगिर पुरी से बस अड्डा के बीच चलती है। घटना के बाद से बस का ड्राईवर फरार है। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर फरार ड्राईवर की तलाश कर रही है।