15 फ़रवरी 2009

आशियाने को आबादी का इन्तजार

आशियाने को आबादी का इन्तजार

एक ओर २७ साल से २५ हज़ार लोगों को आशियाने का इंतजार दूसरी ओर हजारों आशियानों को आबादी का इंतजार----रोहिणी आवासीय योजना १९८१ का यही हाल है---अब इन २५ हज़ार आवेदकों को ही नहीं बल्कि रोहाणी में आबादी की आस में बैठे जनता को भी लगाने लगा है की कहीं उस समय भी कोई ऐसा है घोटाल तो नहीं हुआ---? अब वे हजारों आवेदक जहाँ १९८१ स्कीम की भी सीबीआई जाँच की मांग कर रहे है
ये है ७५ साल के बी-एल मित्तल--- ये २५ हज़ार लोगों में से है जो रोहिणी आवासीय योजना १९८१ के पंजीकर्त आवेदक है---जो पिछाले २६ सालों से फाईलों का ये पुलिंदा उठाये डी-डी-ऐ के उस भरोसे पर जिन्दा थे की उन्हें डी-डी-ऐ अपना वडा पुरा करेगी और उन्हें आशियाना दे देगी---लेकिन डी-डी-ऐ में हुए मोजूदा घोटाले से इन्हे भी लगाने लगा है की कहीं उस समय भी कोई घोटाला तो नहीं हुया----एक और मित्तल जैसे २५ हज़ार लोग आशियानों के आस में जी रहे है तो दूसरी ओर सेक्टर २५ रोहिणी में इन फ्लाटों को देखिये जो पिछले २६ सालों से आबादी की में इतने बुडे हो चले है के कब गिर जाए कहा नहीं जा सकता---ये फ्लेट भी केवल भ्रस्ताचार की भेट नहीं चढ़ गए बल्कि डी-डी-ऐ आफिसरों की मनमानी के कारन जो ५ प्रतिशत वास्तविक खरीदार है वे भी यहं फ्लेट लेकत पछता रहे है---यहाँ आबादी न होने का कारन बिजली पानी और परिवहन के कमी को रोना रोया जाता है---जिसके चलते यहाँ कोई आना नहीं चाहता----येही हाल हजारों प्लाटों का है---इनकी खरीद फरोख्त दर्जों बार हुई ----लेकिन रहने को कोए तयार नहीं---ऐसे में सवाल उठाना भी वाजिब है जब मांग ही नहीं है तो फिर इनके दाम असाम्मान क्यों छू रहे है----प्रोपर्टी कारोबारी भी रोहिन के इस सबसे बेहतरीन योजना कही जाने वाले स्कीम के फैलिओर का कारन भार्स्ताचार ही मानतें है----आर-डब्लू ऐ तो इसे कोर्ट में ले जाने की योजना बना रही है---- सन १९८१ की इस यजन के अनुसार पॉँच सेक्टर में रोहिणी आवासीय योजना १९८१ को २० सालों में पुरा हो जाना था---लेकिन आज २७ साल बीत जाने के बाद भी इसके केवल २ सेक्टर भी पुरी नहीं बसे---लिहाज़ा ऐसे में यदि इस योजना को भी संदेह की नजर से देखा जाए और इसकी भी सीबीआई जांच की मांग उठे तो यह स्वभाविक है है---