28 जुलाई 2017

क्राइम ब्रांच ने मुक्त करवाई दो नाबालिग लड़कियां

दिल्ली। वेश्यावृति करवाने के लिए असम से अपहरण करके दिल्ली लाई गई दो नाबालिग लड़कियों को पुलिस ने मुक्त करवाया है। उन्हें मुजाहिद उर्फ सूर्या नामक के मानव तस्कर के कब्जे से तब छुड़वाया गया जब दोनों लड़कियों को कार में लेकर बेचने के इरादे से घूम रहा था। पकड़ा गया मानव तस्कर पहले भी कई अपराधों में शरीक रहा है। 
    पुलिस उपायुक्त मधुर वर्मा ने बताया कि इंस्पेक्टर अरुण चैहान को सूचना मिली थी कि असम से अपहरण करके लाई गई दो नाबालिग लड़कियों को एक मानव तस्कर द्वारा कोठे पर बेचने के प्रयास किये जा रहे हैं। मानव तस्कर दोनों लड़कियों को ग्राहकों के पास ले जाने के लिए जिस कार का इस्तेमाल कर रहा था उसका नंबर भी सूचनाकर्ता ने पुलिस को बताया। 
    सूचना के आधार पर कार्रवाई करने के लिए सहायक आयुक्त आनंद मिश्रा के निर्देशन में गठित इंस्पेक्टर अरुण चैहान की टीम ने शास्त्री पार्क स्थित आईटी पार्क के पास से बताई गई कार को रोक लिया। कार के अंदर पुलिस को दो नाबालिग लड़कियां भी मिलीं। पुलिस ने कार के चालक को दबोच लिया उसकी पहचान रिसेटलमेंट काॅलोनी, सेक्टर-26, रोहिणी के रहने वाले मुजाहिद उर्फ सूर्या मूल निवासी केरल के रूप में हुई। 
    पुलिस के मुताबिक दोनों लड़कियों को असम के थाना होजोई इलाके से उठाया गया था। इस मामले में दोनों लड़कियों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करके पुलिस ने असम पुलिस को सूचित कर दिया है।

मोनू दरियापुर की हत्या में एक आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बरसों से छिड़ी हुई गैंगवार में गैंगस्टरों की एक-दूसरे की मदद किये जाने का खुलासा समय-समय पर होता रहता है। कुख्यात सोनू दरियापुर के दुश्मन मोनू दरियापुर को मारने के लिए अनूप बलराज गिरोह के नरेश काले के भाई राजेश को जिम्मा सौंपा गया था। राजेश ने अपने साथियों के साथ मिलकर 30 अप्रैल को मोनू दरियापुर, उसके दोस्त अरुण और मोनू के पीएसओ एएसआई विजय को पीरागढ़ी के नजदीक मौत के घाट उतार दिया था। तिहरे हत्याकांड में नवीन खत्री नरेला और सतीश बोहर को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है जबकि हमले के मास्टरमाइंड राजेश उर्फ राजे निवासी बोहर को कर्नाटक के उत्तर कन्नड इलाके में गोकर्ण क्राॅस मदनगीर के पास से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी स्पेशल सेल के निरिक्षकों उमेश बर्थवाल, भूषण आजाद और रेणु यादव की टीम द्वारा की गई। 
    पुलिस उपायुक्त पी के कुशवाहा ने बताया कि पकड़े गये राजेश उर्फ राजे की हरियाणा पुलिस को भी तलाश है उसने जेल में बंद रमेश लुहार की हत्या की उस समय योजना बनाई जब उसे रोहतक कोर्ट में लाया गया था। हमले में रमेश तो बच गया पर उसका एक साथी मारा गया। रमेश पर हमले का मकसद राजेश के भाई के एक साथी का देवेंद्र कोच गिरोह द्वारा किया गया कत्ल था। देवेंद्र कोच की बाद में राजेश राजे ने हत्या कर दी थी। देवेंद्र कोच ने जिस युवक को मारा था उस मामले में राजेश चश्मदीद गवाह था। देवेंद्र कोच का साथी रमेश लुहार राजेश के भाई नरेश उर्फ काले को मारना चाहता था। रमेश लुहार को कुख्यात कृष्ण पहलवान गिरोह का संरक्षण हासिल है। 
    पुलिस उपायुक्त ने बताया कि दिल्ली में सत्यवान उर्फ सोनू दरियापुर, ज्योति बाबा-कपिल नंदू, मंजीत महाल, नवीन खत्री, समुद्र खत्री, कृष्ण पहलवान ओर हेमंत प्रधान गिरोह सक्रिय हैं। इनके बीच वर्चस्व की लड़ाई चलती रहती है जिसमें अनेक निर्दोष भी मारे जा चुके हैं। 
    रमेश लुहार को मारने के लिए राजेश उर्फ राजे ने सोनू दरियापुर से हाथ मिलाया और बदले में मोनू दरियापुर को मार डाला।

गर्लफ्रेंड को रौब दिखाने के लिए चुराता था वाहन

दिल्ली। पुलिस ने एक ऐसे वाहन चोर को गिरफ्तार किया है जो अपनी गर्लफ्रैंड को को प्रभावित करने के लिए दुपहिया और चार पहिया वाहन चुराता था। घूमने-फिरने के बाद वह वाहन को लावारिस छोड़ दिया करता था। 
    रोहिणी जिले के पुलिस उपायुक्त ऋषिपाल ने बताया एक सूचना के आधार पर वाहन चोरी निरोधक दस्ते ने जापानी पार्क के पास से एक वाहन चोर को गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान सतिंद्र के रूप में हुई है। जिस समय उसे पकड़ा गया वह चोरी की इको कार में सवार था। बाद में हुई पूछताछ और उसके बताने पर चोरी की दो बाइक्स भी बरामद की गईं। 
    पुलिस के अनुसार छठी पास सतिंद्र अपनी महिला मित्र को घुमाने और उसे प्रभावित करने के लिए वाहन चोरी करता था। बचपन में गलत संगत में पड़ जाने के कारण वह नशा करने लगा था और अवारा घूमता रहता था।

विवाहित प्रेमकि का कत्ल, बीस दिन बाद मिली लाश

दिल्ली। विवाहेत्तर संबंधों का अंजाम हत्या तक पहुंच गया। विवाहित महिला को अनैतिक संबंधों की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। कत्ल उसीने किया जिससे वह प्यार करती थी, लाश भी बीस दिनों के बाद मिली। प्रेमी की गिरफ्तारी से ही हत्या का राजफाश हुआ।
     रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त ऋषि पाल ने बताया कि शाहबाद डेयरी थाना इलाके की रहने वाली शकीला देवी उर्फ आशा पत्नी शंभू सिंह छह जुलाई से रहस्यमय हालात में गायब थी। इस संबंध में उसके पति ने शिकायत दर्ज करवाई। बाद में उसने बताया कि जिस दिन से उसकी पत्नी गायब हुई उसी दिन से पड़ोस में रहने वाला बिमलेश मूल निवासी कानपुर भी गायब है। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई कि बिमलेश ने उसकी पत्नी का अपहरण कर लिया है।
    नई मिली शिकायत के आधार पर पुलिस ने बिमलेश के खिलाफ अपहरण की धारा में एफआईआर दर्ज कर ली। बिमलेश की तलाश के लिए एसीपी बवाना सौरभ चंद्रा के निर्देशन और एसएचओ शाहबाद डेयरी अशोक शर्मा के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने काफी प्रयासों के बाद एक सूचना के आधार पर बिमलेश को सेक्टर-5 डीएसआईआईडीसी बवाना से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि शकीला की उसने 6 जुलाई को ही हत्या कर दी थी। बिमलेश ने बताया कि उसके शकीला के साथ नाजायज ताल्लुकात थे। वह इन संबंधों को बनाए रखना चाहती थी। लेकिन, बिमलेश उससे छुटकारा पाना चाहता था। और, कोई उपाय न देखकर उसने शकीला को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और वारदात वाले दिन उसे अपने साथ बवाना औद्योगिक इलाके में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के पास ले गया और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। 
    बिमलेश की निशानदेही पर पुलिस ने शकीला का शव बरामद कर लिया।

गुड़गांव में रोडरेज में पत्रकार की गोली मारकर हत्या

दिल्ली। शुक्रवार दोपहर को सरेआम एक पत्रकार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बदमाशों ने जब घटना को अंजाम दिया तो एकाएक वहां भगदड़ मच गई। जब तक कोई कुछ समझ पाता, हमलावर उसे करीब आधा दर्जन गोलियां मारकर फरार हो चुके थे। हमलावरों ने उसकी रिवॉल्वर छीनकर उसको गोलियां मारी। वह कुछ दिन पूर्व ही पत्रकारिता के पेशे में आया था। इससे पूर्व वह भारतीय अखंड मंच का प्रदेशाध्यक्ष भी था।

       जानकारी के अनुसार जे के न्यूज चैनल का पत्रकार सुरेंद्र सिंह राणा शांति नगर में रहता था। कुछ दिन पूर्व ही वह समाचार चैनल के साथ जुड़ा था। शुक्रवार की दोपहर को वह किसी काम के चलते अपनी टाटा सफारी गाड़ी नंबर-एचआर-26बीवाई-8017 को लेकर सिविल लाइन गया था। उसकी गाड़ी पर प्रेस लिखा था व चैनल का स्टीकर लगा था। यहां झाड़सा रोड पर वह अपनी गाड़ी को खड़ी करके किसी काम से उतरा। अपना काम पूरा करके जैसे ही वह वापस जाने के लिए अपनी गाड़ी तक पहुंचा और गेट खोला तो तभी उसके पास आकर एक सफेद रंग की सेंट्रो कार आकर रुकी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार में दो युवक सवार थे। उन्होंने अपनी कार सफारी गाड़ी के आगे लगा दी। जैसे ही वह सुरेंद्र सिंह राणा कुछ समझ पाता, युवकों ने उसकी लाइसेंसी रिवॉल्वर छीनकर उस पर ताबड़तोड़ गोलियां दाग दी। इसी दौरान वहां पर अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने इधर-उधर भागना भी शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि उसे 5 गोलियां लगी। गोलियां लगते ही खून से लथपथ होकर सुरेंद्र सिंह राणा सडक पर गिर गया। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर अपनी कार में बैठकर सवार होकर फरार हो गए। इसी दौरान वहां पर यातायात का जाम भी लग गया।
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सुरेंद्र सिंह राणा को उठाया और अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके से सभी साक्ष्य जुटाए। ब्लड के सेंपल वहां से लिए गए और सुरेंद्र सिंह राणा की गाड़ी को कब्जे में ले लिया। 

           घटना की सूचना पाकर डीसीपी क्राइम सुमित कुमार, सिविल लाइन थाना प्रभारी सहित अपराध शाखा की टीम मौके पर पहुंच गई और जांच में जुट गई। पुलिस अधिकारियों ने आसपास के दुकानदारों से भी घटना के बाबत जानकारी ली। डीसीपी क्राइम समित कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और अपराधियों को बहुत जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 

21 जुलाई 2017

अन्ना और दाऊद की जोड़ी कर चुकी है 400 क्राइम

दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने कुख्यात चेन झपटमारों के दो सदस्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह झपटमारी, चोरी, वाहन चोरी और महिलाओं से छेड़छाड़ की चार सौ से अधिक वारदातों को अंजाम दे चुका है। 22-22 साल उम्र वय के दोनों झपटमारों के कब्जे से पुलिस को दो पिस्टल, चार कारतूस, पांच मोबाईल फोन और पांच मोटरसाईकिलें भी मिली हैं। 
   उत्तर-पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त डाॅक्टर अजीत कुमार सिंगला ने बताया कि वाहन चोरी और स्नैचिंग विरोधी दस्ते कीे एसीपी शशांक जायसवाल के निर्देशन में गठित टीम ने एक सूचना के आधार पर कुख्यात स्नैचरों और वाहन चोरों के गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी ब्रह्मपुरी पुलिया के पास से की गई। पकड़े गये स्नैचरों की पहचान बुलंद मस्जिद इलाके के रहने वाले वाहिद उर्फ अन्ना और परवेज उर्फ दाऊद के रूप में हुई है।
    उनकी निशानदेही पर हथियार और चोरी का सामान बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार दोनों स्नैचरों ने बताया कि वे 400 से अधिक वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। दोनों महिलाओं से छेड़छाड़ के मामले में भी दोषी हैं। उन्होनें अपने अन्य साथियों के साल मिलकर छेड़छाड़ का विरोध करने पर एक लड़की और उसके परिवार पर हमला बोल दिया था। 

दोस्त के लिए युवक बन गया हत्या, गिरफ्तार

दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने सीलमपुर इलाके में हुई आसिफ उर्फ चुपड़ा की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। बदमाश के पास से एक अवैध देसी पिस्टल तथा चार कारतूस बरामद किये गये हैं। हत्यारोपी की पहचान सीलमपुर झुग्गी बस्ती के रहने वाले राशिद के रूप में हुई है।
     राशिद पिछले महीने ही एक हत्या के मामले में जेल से छुटकर आया था। उसने अपने भाई तथा रिश्तेदार को पिटाई से बचाने के लिए इरफान की हत्या कर दी थी। पुलिस के अनुसार जेल से बाहर आने के बाद राशिद की मुलाकात उसके खास दोस्त मुन्ना उर्फ बडे से हुई। मुन्ना ने बताया उसकी साली को आसिफ तंग करता है। बारह जुलाई को मुन्ना ने फोन करके राशिद को बताया कि आसिफ उसकी साली को फिर से परेशान कर रहा है। 
     पुलिस के अनुसार आसिफ की रोज-रोज की जबरदस्ती से छुटकारा पाने के लिए मुन्ना के साथ मिलकर राशिद ने सबक सिखाने की सोची। उसने अपने तीन और साथियों को तैयार किया। पांचों में से दो आग्नेयास्त्रों से लैस थे। दो बाईक्स पर सवार होकर पांचों लोग जगप्रवेश हाॅस्पिटल के पास स्थित सीएनजी पंप के पास पहुंचे जहां आसिफ अपने साथियों के साथ मौजूद था। उन्होनें आसिफ को उस महिला का पीछा छोड़ देने को कहा। बजाय बात करने के आसिफ उनसे उलझ गया। 
    गर्मा-गर्मी में राशिद और उसके साथियों ने आसिफ को गोली मार दी। हत्या की वारदात को अंजाम देकर सभी बदमाश मौके से फरार हो गये। पुलिस उपायुक्त मधुर वर्मा ने बताया कि राशिद को एक सूचना के आधार पर एसीपी आनंद कुमार मिश्रा के निर्देशन और इंस्पेक्टर संजय नौलिया के निर्देशन वाली टीम ने गाजीपुर मुर्गा मंडी के पास से गिरफ्तार किया है।