07 फ़रवरी 2017

लिखने को बहुत कुछ है, और लिखूंगा भी जरूर। क्योंकि कई साल से मेरा ब्लॉग vardat.blosgspot.com तकनीकी वजहों से बंद
था। अचानक 6 फरवरी 2017 को गुगल पर सर्च किया तो ना केवल ब्लॉग खुल गया बल्कि पुरानी यादें भी ताजा हो गई। अब ठान लिया है कि क्राइम पर सप्ताह में कुछ ना कुछ जरूर लिखा करूंगा। जब ब्लॉग काम नहीं कर रहा था, तब बहुत विचलित था, लेकिन अब खुशी का अहसास भी है और नया जोश भी। इसकी एक वजह वो अनुभव भी है जो इतने साल क्राइम प्रोग्रामिंग में काम करते हुए मिला है। 

25 जनवरी 2013

इकतरफा इश्क में छात्रा की हत्या


फरीदाबाद के टाउन नंबर 5 इलाके में बने एक गेस्ट हाउस से बाहरवीं की छात्रा इसरत की लाश बरामद हुई..आरोप है कि हत्या की इस वारदात को सोनू नाम के युवक ने अंजाम दिया..हत्या के पीछे एकतरफा इश्क वजह बताया जा रहा है..छात्रा की हत्या की ख़बर से स्थानीय लोग भड़क गए और जमकर हंगामा किया..गुस्साए लोगों ने आरोपी के घर का घेराव कर लिया..और आरोपी की बाइक को आग के हवाले कर दिया..इसरत नाम की छात्रा गुरूवार की दोपहर करीब तीन बजे ट्यूशन जाने के लिए घर से निकली थी..जिसके बाद वो वापस नहीं लौटी..देर रात परिजनों को इसरत की हत्या की ख़बर मिली..गेस्ट हाउस में शव मिलने की जानकारी गेस्ट हाउस के स्टाफ ने पुलिस को दी..पुलिस के मुताबिक हत्या की इस वारदात में सोनू नाम का युवक शामिल है..सोनू ही गेस्ट हाउस में इसरत के साथ आया था..पुलिस ने सोनू को मेवात से गिरफ्तार कर लिया है..बताया जाता है कि सोनू इसरत के एकतरफा प्यार करता था..और इसी वजह से उसने हत्या की इस वारदात को अंजाम दिया..फरीदाबाद पुलिस ने इसरत की हत्या के इल्जाम में सोनू को गिरफ्तार कर लिया है..लेकिन अभी भी कई सवालों का जवाब मिलना बाकी है..मसलन इसरत कैसे और किन हालात में गेस्ट हाउस पहुंची..क्या सोनू ने इसरत को अगवा किया था..या फिर इसरत अपनी मर्जी से सोनू के साथ गई थी..सवाल ये भी है कि आखिर गेस्ट हाउस में ऐसा क्या हुआ कि इसरत की हत्या कर दी गई..पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है..रिपोर्ट आन के बाद ही साफ हो पाएगा कि आखिर इसरत की हत्या कैसे की गई थी..इसी के साथ आरोपी सोनू के पूछताछ के बाद इस हत्याकांड का पूरा सच सामने आयेगा..


29 अक्टूबर 2012

100 महिलाओं को खाना चाहता था, ये दरिंदा

न्यूयॉर्क।। यहां पुलिस ने अपने ही महकमें के एक अधिकारी को बेहद संगीन इल्जाम में गिरफ्तार किया है। इस अधिकारी पुलिस आरोप है कि ये अपने एक साथी के साथ मिलकर 100 महिलाओं को पकाकर खाने की साजिश रच चुका था। हालांकि, उनके इस खतरनाक मंसूबों की जानकारी समय रहते हो गई। इस पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अमेरिका की फेडरल अथॉरिटीज के अनुसार उन्हें इसकी जानकारी उसके कम्प्यूटर से मिली थी।गुरुवार को मैनहट्टन फेडरल कोर्ट में पेश किए गए  न्यूयॉर्क पुलिस में तैनात गिलबर्टो वल्ले को महिलाओं की किडनैपिंग कर उनके अंगों को ओवन में पकाकर खाने की प्लानिंग करने का आरोप लगाया गया है। गिलबर्टो पर आरोप है कि उन्होंने अपने एक साथी के साथ मिलकर पहले महिलाओं को क्लोरोफार्म सुंघाकर बेहोश करने के बाद अपने 28 साल पुराने किचन में ले जाकर पकाने की योजना बनाई है। इसके लिए इस शख्स ने अपने किचन में एक बड़ा सा ओवन रखा हुआ था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिलबर्टो के साथी को नहीं पकड़ा जा सका है, क्योंकि उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है।शुक्र की बात यह है कि अब तक दोनों किसी महिला को नुकसान नहीं पहुंचा पाए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिलबर्टो ने एफबीआई को उसके इस प्लान की जानकारी सितंबर में मिली थी। वह अपने होम कम्प्यूटर से इस प्लान पर कई माह तक ई-मेल्स व मैसेजेस के जरिए चर्चा की। इसके लिए उसने बाकायदा 100 महिलाओं का पूरा डाटाबेस तैयार कर रखा था, जिन्हें वह अपना शिकार बनाना चाहता था। इस डाटाबेस में उसके शिकारों के नाम, फोटोग्राफ्स और पर्सनल डीटेल लिखे गए थे। उन्होंने इनकी किडनैपिंग के लिए किसी और शख्स को पैसे देने की बात भी इस प्लानिंग में लिख रथी थी।

22 अगस्त 2012

पुलिस गिरफ्त में प्यार के परिंदे


मोहब्बत करने वाले दो दिल भले ही अपने प्यार को लाख छुपाएं..भले ही जमाने से हजार बार नजरें बचाएं..लेकिन जमाने को इसकी भनक लग ही जाती है..लेकिन आज हम आपके सामने एक ऐसी प्रेम कहानी के बारे में बताने जा रहे हैं..जो वाकई में बेहद अजीब है..बिजनौर पुलिस गजराम नाम के युवक को उसकी प्रेमिका सोनी के साथ गिरफ्तार किया है। हैरत की बात तो ये रही कि दोनों को एक दूसरे से प्यार जेल की सलाखों के पीछे हुआ..और जल्द ही दोनों के लिए दूरियां दुखदायी हो गई..गजराम और सोनी ने एक होने का मन बना लिया..और बिजनौर जिला जेल की सलाखों से फरार हो गए..बिजनौर पुलिस के मुताबिक गजराम और सोनी पर 10-10 हजार रूपये का इनाम भी घोषित कर रखा था..लेकिन बीते तीन साल से दोनों का कोई सुराग नहीं मिला..लेकिन पुलिस को मिली एक गुप्त चिट्ठी ने दोनों को पुलिस के शिकंजे में ला खड़ा किया..पुलिस के मुताबिक जेल से फरार होने के बाद दोनों दिल्ली में रह रहे थे..और दोनों ने जेल से भागने के दो महीने बाद ही शादी कर ली थी..पुलिस के मुताबिक सोनी अपने पति की हत्या के इल्जाम में जेल में बंद थी..वहीं गजराम पर भी हत्या और अपहरण का इल्जाम लगा था..दोनों की मुलाकात जेल में ही हुई..और दोनों ने एक होने का फैसला कर लिया है..दोनों 28 मई 2009 को बीमारी का बहाना बनाकर अस्पताल में भर्ती हो गए,और फिर पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गए..जिसके बाद से पुलिस दोनों की तलाश में जुटी थी..

21 जुलाई 2012

श्मशान में मुर्दों से पनाह




मनोज कुमार|| नई दिल्ली
फोटो-वीके शर्मा
 वैसे तो पुलिस के लिए हर वारदात एक चुनौती होती है, और वक्त रहते वारदात को सुलझाना पुलिस की एक अहम कोशिश। वारदात जो देखने में तो काफी साधारण लगती हैं, लेकिन केस की गहराई में उतरने पर कई चौंकाने वाले सच सामने आते हैं। ऐसा ही एक सनसनीखेज और बेहद दिलचस्प केस बीते दिनों वेस्ट दिल्ली पुलिस की तफ्तीश में सामने आया, जब पुलिस ने एक शातिर बदमाश को धर दबोचा। बदमाश ने खुलासा किया कि वो खुद को पुलिस से बचाने के लिए मुर्दों का सहारा लिया करता था। ये शातिर वारदात के बाद श्मशान में रात गुजारता था। आखिर कौन था ये शातिर और कैसे श्मशान में रातें गुजारता था ? इस पूरी पड़ताल के लिए इस खास रिपोर्ट को पढिए। 
पश्चिमी दिल्ली में चोरी, लूटपाट की वारदात
दिल्ली के पश्चिमी जिले में जुलाई 2012 का महीना शुरू होते ही, अचानक वाहन चोरी, और चैन स्नेचिंग की वारदातों में इजाफा हुआ, एक के बाद एक अंजाम दी जा रही वारदातों को लेकर खुद पुलिस अधिकारी भी हैरान थे। वारदातों को सुलझाना पुलिस के लिए एक चुनौती बन चुका था। लिहाजा पुलिस ने एक विशेष जांच टीम का गठन किया और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए कोशिशें तेज कर दी। इस दौरान पुलिस ने उन सभी पूर्व अपराधियों की एक फहरिस्त तैयार की जो पहले किसी ना किसी वारदात में शामिल रहे थे और इन दिनों इलाके में मौजूद हैं। सभी से बारी बारी से पूछताछ और खुफिया जानकारी हासिल करने के बाद भी पुलिस को कामयाबी नहीं मिली। लेकिन इन तमाम वारदातों को जल्द सुलझाना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था।
आरोपी की गिरफ्तारी
वी. रंगनाथन, एडिशनल सीपी, पश्चिमी दिल्ली
दिनांक 11 जुलाई 2012, को पश्चिमी जिले की तिलक नगर थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि वाहन चोरी, चेन स्नैचिंग की वारदात में शामिल रहा एक शख्स तिलक नगर थाना इलाके में मौजूद है। इस जानकारी के मिलते ही तिलक नगर थाना पुलिस सक्रिय हो गई। तिलक नगर थाने में तैनात हेड-कांस्टेबल दीप चंद, कांस्टेबल रेशम सिंह, धर्मवीर को थाना प्रभारी सुरेंद्र संधु के निर्देशानुसार सुभाष नगर पुलिस पिकेट पर चैकिंग के लिए तैनात किया गया, उस वक्त तकरीबन शाम से साढे चार बजे थे। इसी दौरान मुखबिर ने मोटरसाइकिल से आ रहे एक शख्स की तरफ इशारा किया, जब युवक को चैकिंग के लिए रोका गया, जब हेड कांस्टेबल दीप चंद ने युवक से बाइक से संबंधित कागजात की मांग की तो युवक सकपका गया। पुलिसकर्मी समझ गए कि वाकई मामला संदिग्ध है। पुलिस के सवालों में फंसता दिख, युवक ने मौके से फरार होने की नाकाम कोशिश की, युवक को बाइक से  भागता देख कांस्टेबल रेशम सिंह ने युवक का पीछा किया और कुछ ही दूरी पर उसे पकड़ लिया। जिसके बाद पुलिस टीम आरोपी को तिलक नगर थाना ले आई, और पूछताछ का सिलसिला शुरू किया।
दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आरोपी हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी
पुलिस की तहकीकात
आरोपी के बरामद की गई चोरी की बाइक
पुलिसिया पूछताछ में युवक की पहचान हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी सिंह पुत्र सुखदेव सिंह पता मकान संख्या 18, गोपाल नगर, अशोक नगर दिल्ली के रूप में हुई। साथ ही इस बात का खुलासा भी हुआ कि जिस बाइक से हरप्रीत सिंह तिलक नगर इलाके में घूम रहा था उसे कुछ दिन पहले ही ख्याला थाना इलाके से चुराया गया था। इसके अलावा पुलिस की सख्ती के आगे हरप्रीत सिंह ने ये भी खुलासा किया कि बीते दिनों वेस्ट दिल्ली के कई इलाकों में हुई वाहन चोरी के केस में वो शामिल रहा है, पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर तीन मोटरसाइकिल (DL-9S-AK-1667 ), (DL-4S-ND -0823), DL-4S-NA-2264 ) को बरामद कर लिया, पुलिस को आरोपी के पास से एक देसी कट्टा भी बरामद हुआ, जिसका इस्तेमाल हैप्पी सिंह वारदात के वक्त करता था। हरप्रीत सिंह की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने वाहन चोरी की छह वारदातों को सुलझाने का दावा किया।
श्मशान में लेता था पनाह 
पुलिस के लिए चुनौती बन चुका हरप्रीत सिंह बेहद शातिर अपराधी था, पुलिस के मुताबिक आरोपी वाहन चोरी या फिर चेन स्नैचिंग की वारदात को अंजाम देकर श्मशान घाट में पनाह लेता था। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी श्मशान घाट में जाकर सोया करता था, इसके पीछे वजह थी कि पुलिस उस तक ना पहुंच सके। पुलिस ने ये भी खुलासा किया कि आरोपी अघोरी बाबाओं का भक्त था और उसे लगता था कि श्मशान में वो सबसे ज्यादा महफूज है, जहां उस तक पुलिस नहीं पहुंच सकती। लेकिन पुलिस की आंख में धूल झोंककर इलाके में वारदात अंजाम देने वाले इस शातिर अपराधी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
 आरोपी के खिलाफ दर्ज केस
1.            FIR No. 31/12, U/S- 379 IPC,       थाना ख्याला, दिल्ली.
2.            FIR No. 7/12, U/S- 379/411 IPC,  थाना हरीनगर, दिल्ली
3.            FIR No. 237/11, U/S- 379 IPC,     थाना विकास पुरी, दिल्ली
4.            FIR No. 231/11, U/S- 379 IPC,     थाना राजौरी गार्डन, दिल्ली
5.            FIR No.452/10, U/S- 379 IPC,      थाना हरीनगर, दिल्ली.
6.            FIR No. 338/10, U/S- 379 IPC,     थाना हरीनगर, दिल्ली


गिरफ्तारी से सुलझाए गए केस

1.         FIR No.143/12 U/S 379 IPC   थाना ख्याला, दिल्ली.
2.         FIR No.248/12 U/S 379 IPC थाना तिलक नगर, दिल्ली
3.         FIR No.261/12 U/S 379 IPC थाना तिलक नगर, दिल्ली
4.         FIR No.269/12 U/S 25-54-59 Arms Act थाना तिलक नगर, दिल्ली
5.         FIR No.250/12 U/S 392/34 IPC थाना राजौरी गार्डन, दिल्ली

17 जुलाई 2012

रंजिश में दर्जी की हत्या, आरोपी फरार


मेरठ|| मंगलवार को मेरठ के इंचौली थाना इलाके में हुई गोलीबारी से पूरा इलाका दिल उठा..बाइक सवार तीन बदमाशों ने नंगला शेखू गांव में टेलर का काम करने वाले संजय नाम के शख्स को निशाना बनाया था..बदमाशों ने एक के बाद एक दनादन गोलियां दाग दी..संजय को तीन गोली लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई..वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया..वारदात से गुस्साये स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया..हालांकि मौके पर पहुंचे पुलिस के आलाधिकारियों ने लोगों को शांत कराया और मामले में उचित कार्रवाई का आश्ववासन दिया..पुलिस की माने तो इस हत्याकांड में शक्ति नाम के शख्स का हाथ हो सकता है..जिसकी पुलिस तलाश कर रही है..
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है..पुलिसिया तफ्तीश में पता चला है कि कुछ साल पहले शक्ति नाम के युवक के पिता की हत्या कर दी गई थी..जिसमें संजय का नाम भी सामने आया था..हालांकि अदालत में चली कार्रवाई के बाद संजय को बरी कर दिया गया था..माना जा रही है कि इसी रंजिश के चलते संजय के कत्ल की वारदात को अंजाम दिया गया..
पुलिस इस हत्याकांड से जुड़े, हर पहलू की बारिकी से छानबीन कर रही है..वही पुलिस को इस हत्याकाड में संदिग्ध रहे शक्ति की भी तलाश है..जिसके बाद ही हत्या की वजह का पुख्ता तौर पर खुलासा हो सकेगा..

15 जुलाई 2012

धर्मपिता की शिकार बनी सबीना


विवेकानंद चौधरी /नई दिल्ली
किसी भी सभ्य समाज में बेटी व बहू को समान व सम्मानजनक दर्जा प्राप्त है। दोनों घर की इज्जत होती हैं और उन्हें लक्ष्मी का दर्जा दिया गया है। लेकिन कलियुग के इस दौर में सांस्कृतिक विरासत में मिली उनकी अस्मिता  कलंकित होती प्रतीत हो रही है। उसके लिए निःसंदेह छद्म वेष में समाज में छिपे निकृष्ट मानसिकता वाले वैसे तत्व जिम्मेदार हैं, जिनके लिए सामाजिक बंधन व मान-मर्यादा का कोई औचित्य नहीं है। विशेषकर, जब घर का कोई सदस्य घर की इज्जत पर धावा बोले, तो अपराध क्षमा योग्य नहीं रह जाता। हाल की एक घटना में पिता समान एक कामांध ससुर ने अपनी बहू को इसलिए मौत के घाट उतार दिया, क्योंकि बहू ने उसकी अंकशायिनी बनने से इंकार कर दिया था। पूरी कहानी जानने के लिए पढि़ये यह खास रिपोर्ट।
सबीना का कत्ल
दक्षिणी दिल्ली स्थित नेबसराय थाने की पुलिस को रात्रि करीब साढ़े नौ बजे सूचना मिली, ‘‘सलीम का मकान, एल-1 ब्लाक, संगम विहार में एक युवती का कत्ल हो गया है।’’ सूचना मिलने पर थाने के एसएचओ इंसपेक्टर जरनैल सिंह थोड़े ही समय बाद दल-बल के साथ मौके पर पहुंच गये। लाश रक्त-रंजित अवस्था में मकान के ग्राउंड फ्लोर स्थित एक कमरे में फर्श पर पड़ी थी। हत्या वहशियाना अंदाज में की गई थी। मृतका के पेट, सिर व सीने पर किसी तेजधार हथियार के करीब दर्जन भर जख्म थे। मौके पर मौजूद मो साबिर नामक एक युवक ने लाश की शिनाख्त अपनी पत्नी 25 वर्षीया सबीना के रूप में की। पूछताछ में पता चला की पेशे से पेंटर मो साबिर बतौर किराएदार करीब दो माह से पत्नी व बच्चों के साथ उस मकान में रह रहा था। जबकि उसका पिता 48 वर्षीय मो अरशद अली मकान के प्रथम तल पर अकेला रहता था। उसकी पत्नी उससे अलग रहती थी।
मो साबिर के परिवार में उसके व सबीना के अलावा, उनकी दो साल की एक बिटिया थी। सबीना एक घरेलू महिला थी। बकौल मो साबिर, वह उस दिन शाम करीब सात बजे एक रिश्तेदार के घर गया था, जहां से रात्रि करीब सवा नौ बजे घर लौटा। वह जब कमरे में पहुंचा, तो सबीना इस हाल में पड़ी थी। जबकि बिटिया बिस्तर पर बैठी सिसकियां भर रही थी। साबिर कुछ पल के लिए तो बिल्कुल जड़वत हो गया। फिर उसने किसी तरह अपने को संभाला। उसके बाद उसने फोन कर घटना की सूचना पुलिस कोे दी, तो मौके पर पुलिस पहुंची थी। मो साबिर के अनुसार, घर से कोई सामान गायब नहीं था। उसने किसी पर शक की से इंकार किया। उसकी हालिया या पुरानी कोई दुश्मनी भी किसी के साथ नहीं थी। ऐसे में इस मामले को हल करना पुलिस के लिए आसान काम नहीं था। बहरहाल इंस्पेक्टर जरनैल सिंह ने लाश और घटना-स्थल की सभी जरूरी औपचारिकतायें पूरी करने के बाद मो साबिर के बयान पर इस बाबत थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया। जबकि शव को पोस्टमार्टम के लिए मुर्दाघर भेज दिया।
मिला कत्ल का सुराग
पूछताछ के दौरान मकान मालिक मो सलीम ने बताया कि उसने रात्रि करीब पौने नौ बजे साबिर के पिता अरशद अली को उसके कमरे से निकलकर बेतहाशा भागते देखा था। इस जानकारी के बाद पुलिस ने साबिर को टटोला, तो अरशद अली पर पुलिस का शक गहरा गया। साबिर के अनुसार, सबीना के प्रति उसके पिता की नीयत में खोट था। वह कई बार सबीना के साथ छेड़छाड़ कर चुका था। फिर पुलिस ने अरशद अली की खोज की, तो वह गायब मिला। इससे पुलिस का शक यकीन में बदल गया।
ससुर गिरफ्तार
पुलिस ने इलेक्ट्रिोनिक सर्विलांस की मदद से अरशद अली को उस समय धर-दबोचा, जब वह एक जानकार से फोन पर बात कर उससे मिलने उसके घर पहुंचा। थाने में लाकर जब उससे मनोवैज्ञानिक तरीके पूछताछ की गयी, तो उसने गुनाह कबूल कर लिया। बकौल अरशद अली, सबीना की हत्या उसने अकेले की थी। अपराध-स्वीकारोक्ति के साथ ही उसे गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद कर लिया।
बहू के प्रति नीयत में खोट
शुरू से ही चरित्र का कमजोर अरशद अली अपनी हरकतों के कारण कई बार पिट चुका था। जानकार उसे अपने  घर आने देना पसंद नहीं करते थे। वह अपनी कमाई का अधिकांश हिस्सा रंगरेलियां मनाने में खर्च कर देता था। परिवार की चिंता उसे तनिक भी नहीं थी। उसकी इन्हीं हरकतों से तंग आकर पत्नी उससे अगल हो गयी थी। अब उसकी नजर सबीना पर थी। उसने अंकशायिनी बनाने की चाहत में उसे पहले बहलाया-फुसलाया। जब सबीना उसके बहकावे में नहीं आई, फिर धमकाया। बावजूद सबीना पर कोई असर नहीं पड़ा, तो उसने तीन-चार बार उसके साथ जबरन संबंध बनाने की कोशिश की। लेकिन सबीना के जबर्दस्त विरोध के कारण वह हर बार नापाक मंसूबे में नाकामयाब रहा। ऐसी बात नहीं थी कि साबिर इन बातों से अनजान था। सबीना उसे सारी बात बताती थी। लेकिन लोक-लाज के भय से वह पिता से उलझने के बजाए, उसे धमका कर रह जाता।
जब अरशद अली के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया, तो परेशानी से निजात पाने के लिए साबिर ने पिता से अलग रहने का मन बना लिया। उसने करीब दो माह पहले सलीम का मकान किराये पर ले लिया। लेकिन अरशद अली ने यहां भी सबीना का पीछा नहीं छोड़ा। करीब एक माह बाद वह भी उस मकान में रहने आ गया। उसने अलग कमरा लिया था। हालांकि अब साबिर व सबीना अरशद अली से कोई वास्ता नहीं रखते थे। लेकिन अरशद अली उनसे किसी न किसी बहाने अक्सर बातचीत करने की कोशिश करता। वह सबीना को अंकशायिनी बनाने की चाहत में बौरा गया था।
कत्ल को अंजाम
हर कोशिश के बाद भी अरशद अली को अपनी दाल गलती नजर नहीं आयी, तो उसके मन में सनक सवार हो गयी। उसे परिणाम की चिंता नहीं थी। अपने प्रति सबीना की बेरुखी अब उसके दिल में शूल की तरह चुभ रही थी। घटना के दिन शाम के समय अरशद अली कमरे पर था। वह साबिर के जाने के थोड़ी देर बाद मौका देखकर उसके कमरे में आ गया। उसे देखकर सबीना घबराई, तो उसने चाहत भरी नजरों से उसके चेहरे की तरफ देखा, ‘‘शायद तुम मेरे से नाराज हो। तभी मेरे से दूर रहती हो।’’ वह हौले से मुस्कराया, ‘‘बहू, मैं कोई गैर नहीं हूं, तुम्हारे पति का बाप हूं। जैसे तुम्हारे लिए साबिर है, वैसा ही मैं हूं। फिर मेरे से दूरी...।’’ सबीना खामोश रही। इतने में अरशद अली ने अंदर से कमरा बंद कर, सबीना को बाहूपांस में भर लिया, ‘‘बहू, आज इंकार मत करो...।’’ सबीना       कसमसाई, ‘‘मेरे पर रहम करो। मैं आपकी बहू हूं।’’ वह फफक पड़ी, ‘‘वरना मैं आत्महत्या कर लूंगी।’’ इस पर    अरशद ने प्यार का मरहम लगाते हुए उसे समझाया, ‘‘पागल मत बनो। मैं तुम्हें दुनिया की हर खुशी दूंगा, बस एक बार मेरी तमन्ना पूरी कर दो।’’ सबीना बिफर पड़ी, ‘‘बेहतर होगा कि तुम मुझे छोड़ दो। वरना शोर मचाकर पास-पड़ोस को एकत्र कर लूंगी।’’ उसने उसके बंधन से मुक्त होने की कोशिश की, लेकिन नाकामयाब रही। फिर सबीना आपा खो बैठी, ‘‘कमीने, तुम मुझे छोड़ते हो, या...।’’ उसने धमकाया, ‘‘बहुत हो गया। अब तुम्हें जेल भिजवाकर ही दम लूंगी।’’ इतना सुनते ही अरशद के चेहरे पर सहसा कुटिल मुस्कान उभर आई,‘‘कोई बात नहीं, जेल भेज देना।’’ उसने बंधन को मजबूत करते हुए उसकी आंखों में झांका, ‘‘मैं तुम्हारी खातिर जेल भी जाने को तैयार हूं।
सबीना ने अपना बायां पैर पूरी ताकत से उसके दोनों जांघों के बीच दे मारा, जिससे अरशद कराहते हुए फर्श पर गिर पड़ा। मौका देख सबीना बाहर जाने के लिए दरवाजे की तरफ लपकी, तो अरशद ने उसे पकड़ लिया। अब अरशद के चेहरे पर हैवानियत झलक रही थी। उसने पुन‘ उसके साथ मनमानी करने की कोशिश की। जब कामयाबी नहीं मिली, तो तैश में आकर उसने चाकू से सबीना के जिस्म पर कई प्रहार कर डाले, जिससंे सबीना   जख्मी हालत में फर्श पर गिर पड़ी। उसके बाद अरशद सावधानी पूर्वक वहां से निकल भागा। लेकिन संयोगवश सलीम की नजर उस पर पड़ गयी, जो पुलिस के लिए सुराग बन गया। अरशद अली पकड़ा गया।
फिलहाल अरशद अली दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है।
                                                                                   कथा पुलिस सूत्रों पर आधारित