29 जून 2011
जयपुर में सेक्स रैकेट का खुलासा
इज्जत बिकाऊ नहीं होती.. इज्जत की खातिर लोग जान तक दे डालते हैं.. लेकिन 21वीं सदी का चेहरा देखिए.. यहां तो कुछ लोग अपने ही हाथों अपनी ही इज्जत का ही मोल भाव कर रहे हैं.. जवानी की दहलीज पर युवाओं के कदम पैसों की खातिर ऐसे बहकते हैं कि वो अपनी जिंदगी ही तबाह कर डालते हैं..जयपुर पुलिस ने दिल्ली की रहने वाली चार लड़कियों को गिरफ्तार किया है..जयपुर पुलिस ने लड़कियों को जिस्मफरोशी के आरोप में गिरफ्तार किया..लड़कियों के साथ पुलिस ने एक दलाल और एक होटल मैनेजर को भी अपने शिंकजे में लिया हैं..
जयपुर पुलिस को मुखबिर से खबर मिली थी कि सदर थाना इलाके के वैष्णवी होटल में जिस्मफरोशी हो रही है ..जिसके बाद पुलिस का एक जवान फर्जी ग्राहक बनकर होटल में दाखिल हुआ..होटल में दलालों से बातचीत के बाद अय्याशी के लिए लड़की मुहैया कराने की बात तय हो गई..जिसके बाद पुलिस ने होटल पर छापा मारकर चार लड़कियों समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया..पुलिस के मुताबिक दलालों ने लड़कियों को 60 से 70 हजार रूपये महीना तनख्वाह पर रखा था..और इन्हें बड़े-बड़े होटल और फॉर्महाउस में रईसजादों की रात रंगीन करने के लिए सप्लाई करते थे..
जिस्म और हुस्न के दलालों ने अब बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे शहरों में भी अपने पैर पसार लिए हैं..और लाखों के वारे न्यारे कर रहे हैं..जयपुर में सेक्स रैकेट का खुलासा होने के बाद अब पुलिस अलर्ट हो गई है..पुलिस अब ये पता लगाने में जुटी है कि आखिर इस गिरोह के तार आखिर कहां-कहां तक जुड़े हैं..और इस गिरोह में कौन लोग शामिल हैं..
21 मई 2011
अखबार की कद्र नहीं, खुद को पत्रकार बताती है..

21 मई 2011 शनिवार की सुबह तपती गर्मी से कुछ राहत देने वाली थी। कुछ देर की धुल भरी आंधी के बाद हल्की बारिश ने मौसम को सुहाना बना दिया था। हर दिन की तरह मैं दोपहर करीब एक बजे अपने दफ्तर पहुंचा। आपको बता दूं कि मैं एक पत्रकार हूं। मौसम सुहाना था लिहाजा काम शुरू करने से पहले मन किया कि चाय की चुस्की का लुत्फ क्यों ना लिया जाए। अक्सर बाकी काम के दिनों में लंच के वक्त ही चाय पीने का मौका करीब 4 से 5 बजे के बीच ही मिलता है। लेकिन शनिवार होने की वजह से काम का बोझ थोड़ा हल्का भी था। चाय पीने के लिए मैं अपनी टीम के एक सहयोगी के साथ दफ्तर के बाहर चाय वाले के पास जा धमका। चाय वाले के सामने एक अच्छी खासी जगह है जहां बैठकर दो चार मिनट पत्रकारगण बतिया लेते हैं। वहीं पर हम भी जा पहुंचे। सामने ऑफिस के ही कुछ मित्र भी मौजूद थे। उनमें एक महिला पत्रकार भी थी (अभी नई हैं लेकिन ख्वाब उंचे पाल रखें है) साथ ही अनुभव के मामले में भी मुझसे कुछ कम ही है। दिन की शुरूआत हुई थी लिहाजा मित्रों से हाथ मिलाया और एक दूसरे का हाल-चाल भी लिया। अचानक मेरी निगाह महिला पत्रकार पर पड़ी जोकि खुद को धुल मिट्टी से बचाने के लिए एक समाचार पत्र को बिछोना बनाकर बैठी थी। एक पत्रकार होने के नाते मुझे थोड़ा अजीब लगा। और अचानक मेरे मुंह से निकल पड़ा मित्र आपने ये क्या कर रखा है। समाचार पत्र हमारी रोजी रोटी है, हमें अपनी कलम को इस तरह शर्मसार नहीं करना चाहिए। जिस पत्र के साथ हमारे दिन की शुरूआत होती है। जिसके सहारे हम जिंदगी के ढेरों ख्वाब संजोए हुए हैं। उसकी बेकद्री ना कीजिए। मुझे पूरी उम्मीद थी कि इस नवेली पत्रकार पर जरूर कुछ असर होगा और वो अपनी इस हरकत के लिए शर्मिंदगी महसूस करेगी। लेकिन अफसोस की मेरी सोच..मेरा विचार गलत था। क्योंकि हुआ इससे बिल्कुल उलट। इस पत्रकार मित्र ने ये कहकर और भी चौंका दिया कि वो दफ्तर से इस पेपर को महज इसलिए लेकर आई थी ताकि इसे अपना बिछौना बना सके। मैं ये सब सुनकर भौंचक्का रह गया। आगे कुछ बोलता या फिर वहां मौजूद कोई मित्र प्रतिक्रिया देता। उससे पहले ही मैडम ने जवाब दिया, कि अगर ये सब आप नहीं देख सकते तो अपनी नजरें क्यों नहीं फेर लेते। ज्यादा ही परेशानी है तो फिर कहीं और जाकर बैठ जाएं। बस फिर क्या था, बिना वक्त गंवाए मैं अपने सहयोगी के साथ दूसरे कोने में जाकर बैठ गया और कुछ देर में चाय वाला चाय लेकर आ गया। चाय की चुस्की के साथ बुदबुदाते हुए। दफ्तर वापस आ गया। मुझे लगा कि उस मुद्दे पर किसी के साथ चर्चा करने से बेहतर है कि मैं अपनी सारी कहानी कलम के सहारे उकेर दूं। और मैने वही किया। एक पत्रकार होने के नाते मेरे अब तक के अनुभव और कार्यकाल का ये दिन शायद सबसे दुखद था। जब एक मोहतरमा ओछी सोच के साथ एक सफल और जुझारू पत्रकार बनने का सपना देखती है। कुछ लोग इसे नॉर्मल बात भी समझ सकते हैं..लेकिन जिसकी आत्मा तक में पत्रकारिता बसती हो भला कैसे बर्दाश्त कर सकता है। कहने और करने के लिए तो मैं इस मुद्दे को हवा भी दे सकता था। लेकिन ये सब मेरी फितरत में नहीं है।
14 मई 2011
धार्मिक स्थलों से बाइक चुराने वाले दो गिरफ्तार
10 मई 2011
कांस्टेबल या कार चोर..
वाहनों चोरों का ये शातिर गिरोह बीते कई महीनों से सिलसिलेवार तरीके से गाड़ियों और बाइक चोरी की वारदात को अंजाम दे रहा था.. बीती 18 अप्रैल को जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर से एक कार चोरी हुई..पुलिस इसी केस की तफ्तीश में जुटी थी..इसी बीच पुलिस के हाथ लगी पार्किंग में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज जिससे इस गिरोह की सारी हकीकत सामने आ गई..
मणिशंकर ने पुलिस के सामने सारी हकीकत तोते की तरह उगल दी.. उसने खुलासा किया कि वाहन चोरी में हरियाणा पुलिस का कांस्टेबल मनोज और दो अन्य लोग शामिल हैं..जिन्हें पुलिस ने अलग अलग इलाकों से गिरफ्तार कर लिया..जबकि मनोज को पुलिस ने गुड़गांव से अपने शिकंजे में लिया...
चुंकि इस बदमाश कंपनी का सरगना हरियाणा पुलिस का एक सिपाही था लिहाजा इस कंपनी के लोगों का ये गुरुर था कि वो पुलिस के शिकंजे से बचते रहेंगे लेकिन सीसीटीवी फुटेज बन गई इनकी गिरफ्तारी का सबब
पंजाब में बदमाश कंपनी..
पुलिस के मुताबिक बीते कई महीनों से फतेहगढ़ साहिब में कारोबारियों से लूटपाट की वारदात अंजाम दी जा रही थी..पुलिस ने इसी सिलसिले में दो लूटेरों के स्केच जारी किए..जिसके बाद पुलिस ने गुप्त सूचना पर सतनाम सिंह को गिरफ्तार कर लिया.. पुलिस की मानें तो सतनाम सिंह साल 1984 से वारदातों को अंजाम दे रहा था.. लूट के एक मामले में तो सतनाम करीब पांच साल तक जेल भी गया.. लेकिन बाहर निकलने के बाद इसने अपने बेटे और बीवी के साथ मिलकर बदमाश कंपनी तैयार की..
बदमाश कंपनी में परिवार के लोगों को शामिल करने के पीछे खास मकसद था.. और ये मकसद था लूट की सारी रकम घर में लाना...इन लोगों का सोचना था कि अगर गिरोह में बाहर के लोग होंगे तो लूट की रकम को बांटना होगा..औऱ गिरोह में घर के ही लोग होंगे तो लूट की सारी रकम घर में ही आयेगी.. इतना ही नहीं ये लोग लूट की बडी वारदात को अंजाम देते थे.. हाल ही में सतनाम ने अपने बेटे के साथ मिलकर 29 मार्च को एक कारोबारी से लूट की वारदात को अंजाम दिया था..
वारदात को अंजाम देने से पहले ये लोग अपने शिकार की रेकी करते थे.. इस काम में सतनाम के दो रिश्तेदार उसकी मदद करते.. जबकि वारदात के बाद मौके से फरार होने में सतनाम की पत्नी मदद करती थी.. लंबे अर्से तक पुलिस की नाक में दम करने वाले इस गिरोह के मुखिया सतनाम को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर ही लिया.. लेकिन अभी गिरोह में शामिल सतनाम का बेटा, पत्नी और दो रिश्तेदार फरार हैं पुलिस उनकी तलाश कर रही है.. पुलिस ने सतनाम के पास से लूट के करीब दो लाख रूपये..एक लाल बत्ती लगी कार..एक पिस्टल और अन्य कीमती सामान बरामद किया है.. गिरोह पर कोई शक ना करे इसके लिए पूरा परिवार लाल बत्ती लगी कार में घुमता था..
पंजाब के कई इलाकों में ताबड़तोड़ वारदात कर सतनाम ने पुलिस को खूब छकाया.. लेकिन पुलिस की गिरफ्त से बच ना सका..और अब पुलिस गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की शिद्दत से तलाश कर रही है...ताकि एक ही परिवार की ये पूरी बदमाश कंपनी पहुंच सके सलाखों के पीछे...
बाबा की काली करतूत..
पुलिस ने हिरासत में लेकर जब रेवतसिंह से पुछताछ की तो खुलासा हुआ कि रेवतसिंह मूलरूप से गुजरात का रहने वाला है..और गुजरात के बनासकांठा के भाभर थाना इलाके में एक गौशाला चलाता है.. जहां पर ये दुनियादारी छोड़ सन्यासी हो गया.. गौशाला में ही एक गरीब परिवार काम करता था..इसी दौरान परिवार की नाबालिग बेटी से रेवानंद इश्क कर बैठा..और हैरत की बात देखिए की सन्यासी बने रेवानंद ने गृहस्थी बसाने का मन बना लिया..और नाबालिग लड़की को भगाकर जोधपुर ले आया..यहां अपनी दाढी मुछ कटाकर रहने लगा..
रेवानंद ने नाबालिग लड़की से ब्याह रचाकर ना केवल साधू संतों की मान मर्यादा को मिट्टी में मिला दिया..बल्कि खुद भी गुनहगार बन बैठा.. रेवानंद की विलासिता की जिंदगी भोगने की ख्वाहिश ने उसे कानून की दहलीज पर ला दिया..जहां अब उसे अपने गुनाहों की सजा भुगतनी पड़ेगी..
21 अप्रैल 2011
बक्से में बंद लाश
बक्से में लाश मिलने की खबर से कोटा में हड़कंप मच गया.. मौके पर FSL की टीम बुलाई गई.. FSL अधिकारियों के मुताबिक युवती की उम्र तकरीबन 25 साल है.. और लाश को देखने से लगता है कि लाश दो से तीन दिन पुरानी है.. हालांकि युवती के जिस्म पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं...इस बेहद सनसनीखेज मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब पानी में तैरते बक्से का ढक्कन खुल गया... और लाश पानी की वजह से फूल गई....जब लाश का कुछ हिस्सा बक्से से बाहर नदी में आया तब लोगों की इस पर नजर पडी
जहां तक इस केस के सुलझने की बात है तो पुलिस के हाथ अभी खाली ही हैं.. पुलिस तमाम सुराग जुटाकर बक्से में बंद लाश के राज़ को खंगालने में जुटी है..
पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.. राजस्थान में इस महीने बंद बक्से में युवती का शव मिलने की यह दूसरी वारदात है..अजमेर जिले के किशनगढ़ में बीती 8 अप्रैल को एक पार्सल से युवती की लाश बरामद हुई थी..ये पार्सल दिल्ली से किशनगढ़ की एक ट्रांसपोर्ट कंपनी को लोहे के बक्से में भेजा गया था.. लेकिन हैरत की बात देखिए की इस केस की तफ्तीश में जुटी पुलिस के हाथ सीसीटीवी फूटेज लगने के बाद भी ना तो युवती की शिनाख्त हो पाई.. और ना ही अब तक कातिल का ही कोई सुराग लग सका.. वहीं एक बार फिर राजस्थान में इस तरह से लोहे के बक्से में लाश मिलने से पुलिस बेहद संजीदा है.. लेकिन देखने वाली बात होगी कि ये केस भी कहीं किशनगढ़ में मिले शव की तरह मिस्ट्री बनकर ना रह जाए..
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यू-ट्यूब पर रोमांच से भरी हॉरर वेब सीरीज की शुरुआत होने जा रही है। यू ट्यूब पर मौजूद ब्लू फैक्टर्स नाम के चैनल पर इसके एपिसोड अगले कुछ दिन...
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आशियाने को आबादी का इन्तजार एक ओर २७ साल से २५ हज़ार लोगों को आशियाने का इंतजार दूसरी ओर हजारों आशियानों को आबादी का इंतजार----रोहिणी आवासी...
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नरेला ।। दिल्ली के नरेला इलाके में एक युवक की बेरहमी से सिर कुचलकर हत्या कर दी गई, युवक का शव रामदेव चौक के पास एक खाली पड़े प्लाट से बराम...