21 अप्रैल 2011

बक्से में बंद लाश

दिल्ली, मुंबई और किशनगढ़ के बाद अब कोटा पुलिस की नींद उड़ी हुई है.. कोटा की चंबल नदी से बरामद हुए लावारिस बक्से ने पुलिस को पसीना पसीना कर रखा है.. क्योंकि बक्से से पुलिस ने बरामद की एक युवती की लाश..पुलिस ने ये बक्सा बीते बुधवार को बरामद किया था.. बक्से में बंद थी तकरीबन 25 साल की एक युवती की लाश..जिसे पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए मुर्दाघर में रखवा दिया.. लेकिन अभी तक युवती की शिनाख्त नहीं हो पाई है..हालांकि युवती की हमउम्र लापता लड़कियों के परिजन शव की शिनाख्त के लिए पहुंच रहे हैं..
बक्से में लाश मिलने की खबर से कोटा में हड़कंप मच गया.. मौके पर FSL की टीम बुलाई गई.. FSL अधिकारियों के मुताबिक युवती की उम्र तकरीबन 25 साल है.. और लाश को देखने से लगता है कि लाश दो से तीन दिन पुरानी है.. हालांकि युवती के जिस्म पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं...इस बेहद सनसनीखेज मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब पानी में तैरते बक्से का ढक्कन खुल गया... और लाश पानी की वजह से फूल गई....जब लाश का कुछ हिस्सा बक्से से बाहर नदी में आया तब लोगों की इस पर नजर पडी
जहां तक इस केस के सुलझने की बात है तो पुलिस के हाथ अभी खाली ही हैं.. पुलिस तमाम सुराग जुटाकर बक्से में बंद लाश के राज़ को खंगालने में जुटी है..
पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.. राजस्थान में इस महीने बंद बक्से में युवती का शव मिलने की यह दूसरी वारदात है..अजमेर जिले के किशनगढ़ में बीती 8 अप्रैल को एक पार्सल से युवती की लाश बरामद हुई थी..ये पार्सल दिल्ली से किशनगढ़ की एक ट्रांसपोर्ट कंपनी को लोहे के बक्से में भेजा गया था.. लेकिन हैरत की बात देखिए की इस केस की तफ्तीश में जुटी पुलिस के हाथ सीसीटीवी फूटेज लगने के बाद भी ना तो युवती की शिनाख्त हो पाई.. और ना ही अब तक कातिल का ही कोई सुराग लग सका.. वहीं एक बार फिर राजस्थान में इस तरह से लोहे के बक्से में लाश मिलने से पुलिस बेहद संजीदा है.. लेकिन देखने वाली बात होगी कि ये केस भी कहीं किशनगढ़ में मिले शव की तरह मिस्ट्री बनकर ना रह जाए..

14 अप्रैल 2011

कर्ज के बदले दो कत्ल



जालंधर में दोहरे हत्याकांड से लोग सकते में हैं..यहां रहने वाली राजरानी नाम की महिला की उसी के घर में घुसकर हत्या कर दी गई..राजरानी अपनी गोद ली गई बेटी के साथ जालंधर के शिव नगर में रहती थी..बीती 28 मार्च को राजरानी का गला रेतकर कत्ल कर दिया गया..कातिल ने इस वारदात को अंजाम देने के बाद लाश को उसी के घर में दफन कर दिया..वारदात का खुलासा उस वक्त हुआ जब राजरानी का बेटा घर आया..घर का ताला बंद था और राजरानी लापता थी..साथ ही उसकी 5 साल की मुहंबोली बहन खुशबू भी घर पर नहीं थी..कई दिनों तक राजरानी का कहीं कोई सुराग न मिला.. लेकिन बीती 12 अप्रैल को घर से तेज बदबू आने लगी तो चन्दन ने इसकी शिकायत पुलिस से की..जब पुलिस ने घर में खुदाई की तो हर कोई हैरान रह गया..घर से मिली लाश राजरानी की थी..

पुलिस ने राजरानी की लाश उसी के घर से बरामद की तो राजरानी के कत्ल का खुलासा हो गया..लेकिन घऱ से पांच साल की खुशबू लापता थी.. पुलिस उसकी तलाश में जुट गई..पुलिस को उम्मीद थी कि खुशबू से इस कत्ल के बारे में कुछ अहम सुराग हाथ लग सकता है..पुलिस ने इस सिलसिले में जब राजरानी के बेटे से बात की तो उसने कुछ लोगों पर कत्ल का शक जाहिर किया..

शक की बिनाह पर पुलिस ने अशोक नाम के पंजाब पुलिस के एक निलंबित सिपाही को हिरासत में लेकर पुछताछ की तो कत्ल का खुलासा होते देर ना लगी.. अशोक ने खुलासा किया कि उसी ने अपने दो साथियों और एक महिला के साथ मिलकर राजरानी की गला रेतकर हत्या की है.. और पांच साल की खुशबू को भी उसी ने मारा था..अशोक की निशानदेही पर पुलिस ने राजरानी के घऱ से खुशबू की लाश भी बरामद कर ली..
तफ्तीश में खुलासा हुआ कि राजरानी ने अशोक से करीब पचास हजार रूपये कर्ज लिया था.. जिसे राजरानी चुका नहीं पा रही थी.. इसी को लेकर अशोक की नजर राजरानी के मकान पर थी..वो किसी भी तरह घर को हथियाना चाहता था..अशोक ने बाकायदा फर्जी कागजात भी तैयार करा लिये थे..आरोप है कि जब कत्ल की रात राजरानी ने घर उसके नाम करने से इंकार किया तो अशोक ने अपने साथियों के साथ मिलकर राजरानी और खुशबू का कत्ल कर डाला..
बहरहाल दोहरे कत्ल की इस वारदात मे पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार कर लिया है जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं...और पुलिस उनकी तलाश में जगह जगह छापेमारी कर रही है.. लेकिन जिस तरह से इस वारदात को एक पड़ोसी ने ही अंजाम दे डाला उसने एक बार फिर साबित कर दिया कि लालच इंसान को अंधा बना देता है

12 अप्रैल 2011

इंसानी जिस्म का मांस खाने वाला पाकिस्तानी परिवार


नरभक्षियों को लेकर आज तक ना जाने कितनी ही कहानियां आपने सुनी और किताबों में पढ़ी होंगी.. लेकिन असल जिंदगी में क्या वाकई आपका सामना..नरभझी इंसानों से हुआ है...शायद नहीं..लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इंसानी जिस्म को खाकर अपना पेट भरते थे.. इंसानी भेष में छिपे ये उन शैतानों की दास्तान है जिन्हें सब्जी रोटी से नफरत और इंसानी जिस्म को खाकर मजा आता था... खूंखार जानवरों की हैवानियत के तमाम किस्से आपने सुने पढे औऱ देखे होंगे.. लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि इंसान जानवरों से भी ज्यादा खुंखार बन गया...क्या आपने कभी ऐसे इंसानों के बारे में सुना है जो जानवरों की तरह इंसानों को मार कर खा जाते हैं..यकीनन हमारे ये सवाल आपको अटपटे लगें...लेकिन ये सच है...इंसान से जानवर बने लोगों की असलियत बेहद डरावनी है...जो हरी सब्जियां नहीं...जानवरों का गोश्त नहीं बल्कि इंसानी जिस्म को खाते हैं.....जी हां ऐसे लोग जिन्हें फल सब्जी, पकवान या फिर रोटी खाने में कोई मजा नहीं आता.. बल्कि वो इंसान का मांस खाकर सुकून पाते हैं...ऐसे लोग जो सप्ताह भर भूखे रहे लेकिन उन्होंने जब भी खाया तो इंसान का जिस्म ही खाया.. ये उन नरभझी लोगों की असलियत है जिन्हें मासूम बच्चों औऱ नौजवान युवक युवतियों का मांस ज्यादा पसंद है.. आप सोच रहे होंगे कि आखिर इंसान से शैतान बने ये लोग कौन हैं...और कैसे इन्होंने इंसानों को शिकार बनाया...शैतान बने ये उन इंसानों की दास्तान है जो सरहद पार पाकिस्तान के रहने वाले हैं...और इन लोगों को इंसानी जिस्म खाने का शौक अभी से नहीं बल्कि पिछले दस साल से है...दस साल पहले इन्हें इंसानी जिस्म खाने का ऐसा चस्का लगा कि इसके बाद तो ये इंसान का मांस खाने के आदी हो गये.. ये नरभक्षी लोग पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के भक्कर इलाके के रहने वाले हैं..आरोप है कि आरिफ और फरमान..नरभझी हैं... ये लोग फल या फिर सब्जी नहीं बल्कि इंसानों का मांस खाते थे.. पुलिस ने बीती 4 अप्रैल को इनके घर पर छापा मारकर इन्हें गिरफ्तार किया है..पुलिस ने घऱ से एक शव भी बरामद किया..जोकि एक 19 साल की लड़की का था..इसके अलावा पुलिस ने घर से कुछ बर्तन और इंसानी जिस्म को काटने के इस्तेमाल में लाये जाने वाले हथियार भी बरामद किये हैं .. हैरत की बात देखिये कि इन लोगों ने अपनी एक बहन को भी मारकर खाया था.. और पहली दफा इन्होनें अपनी बहन को ही शिकार बनाया था.. इस वारदात को इन लोगों ने पहली बार दस साल पहले अंजाम दिया था..जिसके बाद इन्हें इंसानी मांस खाने का ऐसा चस्का लगा कि फिर इन्होंने सब्जियां और फल छोड़कर इंसानी जिस्म को ही खाना शुरु कर दिया.. .. पाकिस्तान पुलिस की मानें तो आरिफ और फरमान के साथ इस जघन्य अपराध में एक महिला और दो अन्य करीबी रिश्तेदार भी शामिल हैं.. इन लोगों पर आरोप है कि ये ना केवल इंसान बल्कि ये लोग कुत्ते और बिल्लियों को भी अपना शिकार बनाते थे..पुलिस की मानें तो आरिफ और फरमान ने करीब छह मासूम बच्चों को अपना शिकार बनाया..जिनमें दो तो इन्हीं के बच्चे थे.. इंसान मांस से अपनी भूख मिटाने के लिए इनके निशाने पर होती थी कब्र में दफन लाशें..जिन्हें दोनों भाई रात के वक्त चुराया करते थे..पुलिस ने तफ्तीश के दौरान खुलासा किया है कि दोनों भाई किसी तरह की मानसिक बीमारी से पीड़ित नहीं है..बल्कि ये लोग तो इस खौफनाक वारदात को पूरे होशो हवास में अंजाम दे रहे थे.. आरिफ और फरमान ने जिस तरह से इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया उसे देखकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो सकते हैं..लेकिन जुर्म छिपता नहीं और एक ना एक रोज गुनहगार का चेहरा बेपर्दा हो ही जाता है..इन दोनों के साथ भी ठीक ऐसा ही हुआ.. दस साल तक एक घर के ही कुछ लोग इंसानी जिस्म खाकर अपना पेट भरते रहे.. और हैरत की बात देखिए..कि किसी को कानों कान खबर तक नहीं हुई..लेकिन कहते हैं न कि गुनहगार कितना ही शातिर क्यों न हो.. वो वारदात के पीछे अपने निशां छोड़ ही जाता है...इनके साथ भी कुछ यही हुआ...पुलिस ने इन लोगों को इन्हीं के फुटप्रिंटस के जरिये गिरफ्तार किया.... इंसानी जिस्म को खाने में बेहद आरिफ और फरमान को सुकून मिलता था... पिछले दस साल से ये लोग इंसानी जिस्म को खाकर अपने पेट की भूख मिटा रहे थे...जितनी खौफनाक इनकी करतूत रही...उससे कहीं ज्यादा सनसनीखेज रही इनकी गिरफ्तारी जिसके लिए पाकिस्तान के पंजाब में पुलिस को दस साल तक इंतजार करना पडा...पिछले दस साल से इंसानों का मांस खाने वाले इन दरिंदो को पुलिस ने बीती 4 अप्रैल को गिरफ्तार किया.. असल में दरिया खां की रहने वाली 19 साल की शायरा परवीन की कैंसर की वजह से मौत हो गई थी..परवीन की मौत के बाद उसकी लाश को रीति रिवाज के मुताबिक कब्रिस्तान में दफन कर दिया गया..कुछ दिन बाद जब परवीन के परिवार के लोग कब्रिस्तान में गए तो परवीन की कब्र खुली पड़ी थी..और उसकी लाश कब्र से गायब..ये देखकर परिवार के पैरों तले से जमीन खिसक गई..जिसके बाद परिजनों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी.. कब्र से लाश का गायब होना वाकई हैरान करने वाला था..पुलिस ने मामले की गहनता से तफ्तीश शुरू की तो जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि देर रात दो लोग साईकिल पर एक बोरी रखकर ले जा रहे थे..ये बात पुलिस को रेलवे लाइन पर तैनात चौकीदार ने बताई..इतना कुछ साफ होने के बाद पुलिस जान चुकी थी कि लाश को चुराने वाला कोई आस-पास का ही रहने वाला है..तफ्तीश के दौरान पुलिस को मौका ए वारदात से पैरों के कुछ निशान मिले..जिनकी बिनाह पर ने तफ्तीश की और पुलिस आरिफ और फरमान के घर तक जा पहुंची.. आरिफ के घर के हालात देखकर पुलिस भी दंग रह गई..क्योंकि घर में 19 साल की शायरा परवीन की लाश पड़ी थी..उसका एक पैर कटा हुआ था जिसे दोनों भाई एक बर्तन में पका रहे थे..जिसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया..दोनों भाईयों ने पुलिस के सामने कुबूल किया कि उन्हीं ने शायरा परवीन की लाश को चुराया था..और बीते कई सालों से वो इस तरह वारदात को अंजाम देते आ रहे हैं.. जैसे ही इस सनसनीखेज वारदात का लोगों को पता चला उनका गुस्सा फूट पड़ा..गुस्साए लोगों ने आरोपियों को जिंदा जलाकर मारने की सजा की मांग की..वहीं बीते सालों में जिन परिवारों के जानकारों की लाशें गायब हुई थी उन्होनें कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है.. आरिफ और फऱमान की करतूत को देखकर कोई भी समझ सकता है कि दोनों भाई किस कदर हैवान बन चुके थे..जिन्हें ना मासूम बच्चों की लाश खाते डर लगता था..और ना ही बड़ो की..तफ्तीश में पुलिस को पता चला कि करीब दस साल पहले..आरिफ और फरमान के पिता ने उनकी मां की बेरहमी से तेजधार हथियार से काटकर हत्या कर दी थी..जिसके दोनों भाईयों ने अपने पिता को मारने की कोशिश की और उसी के बाद से दरिंदगी का ये सिलसिला शुरू हुआ..

09 अप्रैल 2011

सोशल नेटवर्किंग साइट के साइड इफेक्ट्स


नेटवर्किंग वेबसाइट आजकल लोगों की बाचतीच का एक मुफीद जरिया बन चुकी हैं लेकिन सोशल नेटवर्किंग साइट आपकी बर्बादी का सबब भी बन सकती हैं..क्योंकि अलीगढ़ में एक ऐसा ही मामला सामने आया है...जहां एक लड़की की फोटोग्राफ वेबसाइट से हैक कर...उसे एडिट कर...अश्लील बना दिया गया...औऱ फिर उस अश्लील फोटो के जरिये लड़की को ब्लैकमेल किया गया...हैरत की बात देखिये कि जब हैकर्स लड़की को ब्लैकमेल करने में नाकाम रहे तो उन्होंने अश्लील तस्वीरों को यू ट्यूब पर अपलोड कर दिया...दौड़ती भागती जिंदगी में लोग इतने व्यस्त है कि उन्हें अपने जानकारों से संपर्क बनाने और उनसे बातचीत करने के लिए सोशल नेटवर्किंग साइट्स का सहारा लेना पड़ रहा है.. लोगों के लिए फेसबुक, ऑरकुट, ट्विटर अत्यादि साइट्स एक बेहतर जरिया बनकर सामने आई हैं... लेकिन अब तक आप इन साइट के फायदे ही जानते होगें.. लेकिन यही सोशल नेटवर्किंग साइट आपकी जिंदगी तूफान खड़ा कर सकती है...आपकी जिंदगी में भूचाल ला सकती हैं..आपकी जरा सी लापरवाही आपको बदनाम कर सकती है.. असल में सोशल नेटवर्किंग साइट पर अपने खूबसूरत फोटो अपलोड करना एक छात्रा को महंगा पड़ गया.. अलीगढ़ की मंगलायतन यूनिवर्सिटी से पढाई कर रही एक छात्रा ने अपने कुछ फोटो सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर अपलोड कर दिए..जिन्हें यूनिवर्सिटी के ही दो छात्रों हर्षवर्धन और राहुल गुप्ता ने कॉपी किया ..और फिर उन्हें एडिट कर अश्लील बना दिया अश्लील फोटो तैयार करने के बाद दोनों छात्रों ने छात्रा को ब्लैकमेल करने की कोशिश की..लेकिन जब लड़की ने उनकी बात नहीं मानी तो दोनों ने वीड़ियो को यू ट्यूब पर अपलोड़ दिया..जिसे यूनिवर्सिटी के ही कई छात्रों ने अपने मोबाइल में डाउनलोड कर लिया.. आरोप है कि छात्रों ने लड़की को इसके बाद भी ब्लैकमेल करना नहीं छोड़ा और तीस लाख रूपये की मांग कर डाली.. ब्लैकमेंलिंग से परेशान होकर छात्रा के परिजनों ने मामले की शिकायत बन्ना देवी थाना पुलिस से की..पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तुरंत वीडियो को यू ट्यूब से तो हटवा दिया..वैसे ये वारदात युवाओं के लिए सबक है..जो सोशल नेटवर्किंग साइट पर अपने फोटो और निजी बातें शेयर करते हैं..मुमकीन है कि अगर आपने वक्त रहते सबक ना लिया तो एक दिन आप भी किसी शातिर का शिकार बन जाएं..

17 फ़रवरी 2011

डुमका में बीएसएफ जवान की हत्या

डुमका के हंसडीहा इलाके में सड़क के बीचों बीच पड़ी ये लाश एक जवान की है..जिसकी बेरहमी से हत्या कर उसकी लाश को हत्यारे यहां फेंककर फरार हो गए..वारदात की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची तो लाश की शिनाख्त हुई..पुलिस को पता चला कि मरने वाला शख्स प्रभात कुमार सोलंकी है जोकि नालंदा के मायर गांव का रहने वाला है..प्रभात की लाश के पास से पुलिस ने बीएसएफ जवान की वर्दी और एक आई कार्ड बरामद किया..जो कि प्रभात का ही था..पुलिस को अब तक साफ हो चुका था कि बीएसएफ की 14 बटालियन में तैनात कांस्टेबल प्रभात सोलंकी की हत्या कर उसकी लाश को ठिकाने लगाने के मंसूबे से यहां फेंका गया है..
इन दिनों प्रभात की पोस्टिंग किशनगंज में थी..पुलिस को लाश के पास से एक पत्र भी बरामद हुआ..जिसमें प्रभात ने 40 दिन की छुट्टी का जिक्र किया है..और उसमें लिखा है कि वो छुट्टी के दिनों मे गिरिडीह जाने वाला है..प्रभात के जिस्म पर चोट के निशान मिले है..साथ ही उसके एक हाथ को बड़ी की बेदर्दी के साथ काटा गया है..पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है..लेकिन अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि किसने और क्यों प्रभात की हत्या की..
पुलिस को अंदेशा है कि प्रभात की हत्या कर उसकी लाश को यहां लाकर फेंका गया है..फिलहाल पुलिस ने मामले की जानकारी प्रभात के परिवार वालों को दे दी है..और मामले की बारिकी से छानबीन कर रही है..लेकिन बीएसएफ जवान के कत्ल की वारदात से इलाके के लोग खौफजदा है..हर किसी के जहन में बस एक ही सवाल है कि किसने और क्यों किया प्रभात का कत्ल..

इंसान के भेष में.. घूम रहे वहशी दरिंदें..

इंसान के भेष में.. घूम रहे वहशी दरिंदें.. मासूम को बनाया..वहशत का शिकार.. औरंगाबाद के ओबरा थाने में ये नाबालिग इंसाफ की गुहार लगा रही है.. ओबरा इलाके के रहने वाले राकेश नाम के एक दबंग ने इस मासूम के साथ खेला है वहशत का घिनौना खेल.. ये वारदात बीती 16 फरवरी की है.. आशा शाम करीब साढे सात बजे घर से किसी काम के लिए निकली थी.. रास्ते में उसे अकेला पाकर गांव के ही राकेश नाम के एक दबंग लड़के ने उसे दबोच लिया और फिर जबरन उसे सुनसान जगह ले जाकर इस मासूम को हवस का शिकार बना डाला..वहशी के जुल्मों सितम से मासूम आशा बेहोश हो गई और आरोपी राकेश मौके से फरार हो गया..होश आने पर देर शाम जब लोगों ने आशा की आवाज सुनी तो किसी तरह उसे घर पहुंचाया.. बेटी के साथ हुई ज्यादती की शिकायत परिजनों ने ओबरा थाने में दर्ज कराई..
परिजनों ने मामले की शिकायत थाने में दर्ज कराई..पुलिस को आरोपी का नाम भी बताया..लेकिन पुलिस की लापरवाही का आलम ये रहा है कि पुलिस ने मुकद्दमा तक दर्ज करना मुनासीब नहीं समझा.. आरोप है कि आरोपी के रसूख के चलते पुलिस उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है.. लेकिन जब इस पूरे मामले में मीडिया ने दखल दिया तो पुलिस को मुकद्दमा दर्ज करना पड़ा..लेकिन आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है..
जिस तरह से पुलिस ने नाबालिग के साथ बलात्कार के मामले में लापरवाही दिखाई उससे साफ है कि पुलिस भी दबंगों के सामने बेबस नजर आती है..यही वजह है कि दबंग बेखौफ होकर वहशत का घिनौना खेल खेलते हैं..मीडिया के दबाव के चलते पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया है..लेकिन देखने वाली बात होगी कि पुलिस कब तक आरोपी को गिरफ्तार कर उसे उसके असली ठिकाने पहुंचाती है..

10 फ़रवरी 2011

मां, मोब्बत और मर्डर-1

मां के हलक से निकला हर अल्फाज उसके लिए पत्थर की लकीर था.. मां ने उसे जिंदगी भर जो भी करने को कहा..उसने बिना सोचे समझे किया.. लेकिन एक दिन उसी मां ने उससे मांग डाला दुध का कर्ज.. उस मां ने दूध के बदले मांगा खून.. खून भी किसी गैर का नहीं बल्कि किसी अपने का ही...जी हां कलयुग की इस मां ने..अपने बेटे से मांगी दुध के बदले अपनी बेटी की जान.. और क्या हुआ एक मां की इस खौफनाक मांग का अंजाम...
रूह कांप उठेगी
दिल थर्रा उठेगा
भूल जाओगे प्यार करना
भूल जाओगे कस्में वादे
जब सामने आएगी
प्रियंका-नगीम की खून भरी
प्रेम कहानी
प्रियंका और नगीम... दोनों ही इस दुनिया में नहीं हैं.. दोनों का बेरहमी से कत्ल कर दिया गया.. दोनों को सच्ची मोहब्बत करने की सजा मिली.. हैरानी की बात ये है कि दोनों को सजा-ए-मौत किसी गैर ने नहीं बल्कि अपनों ने दी.. फर्रूखाबाद के कायमगंज की रहने वाली प्रियंका और उसके प्रेमी का उसी के भाई ने कत्ल कर दिया.. प्रियंका और नगीम दोनों के धर्म अलग अलग थे लेकिन फिर भी दोनों एक दुसरे से बेइंतहा प्यार करते थे..दोनों ने जिंदगी भर साथ निभाने की कसमें भी खाईं थीं.. दोनों की मोहबब्त की गाड़ी करीब तीन साल पहले पटरी पर आई थी.. लेकिन इस बात की भनक प्रियंका के परिवार वालों को उस वक्त लगी जब बीती 19 जनवरी को प्रियंका नगीम के साथ घर छोड़कर चली गई.. सवाल घर की इज्ज्त का था लिहाजा प्रियंका की मां ने बेटे संजय वर्मा को एक अजीबो गरीब फरमान सुना डाला.. प्रियंका की मां ने संजय को कहा कि उसे प्रियंका और उसका प्रेमी किसी भी कीमत पर जिंदा या फिर मुर्दा चाहिए.. संजय के लिए एक तरह दुध का कर्ज था तो दुसरी तरफ बहन का प्यार..ऐसे में उसने लिया एक खौफनाक फैसला..
घर से चले जाने के बाद प्रियंका और नगीम कोर्ट मैरिज करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे.. लेकिन इस बात की भनक संजय को भी लग गई.. संजय अपने साले मनोज और उसके उमेश यादव ड्राईवर के साथ इलाहाबाद पहुंचा और प्रियंका और नगीम को समझा बुझाकर अपने साथ वापस फर्रूखाबाद ले आया.. प्रियंका और नगीम को उम्मीद थी कि उनके घर वाले दोनों के प्यार को समझ गए हैं.. लेकिन ये उनका वहम ही निकला.. क्योंकि अभी तो उनकी प्रेम कहानी में वो मोड़ आना बाकी थी जिसकी हकीकत जानकर कोई मोहब्बत करने से पहले एक बार नहीं सौ बार सोचे... अभी तो इश्क और साजिश के इस खेल में वो मोड़ आना बाकी था जिसकी हकीकत किसी के भी होश फाख्ता कर दे...