14 जुलाई 2011

हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट का भंडाफोड़


दिल्ली पुलिस ने बुधवार को राजधानी में चले रहे जिस सेक्‍स रैकेट का पर्दाफाश किया है वह अबतक का सबसे हाई प्रोफाइल और सबसे बड़ा सेक्‍स रैकेट है। दिल्‍ली पुलिस ने बुधवार को मुखबिर की सहायता से देह व्‍यापार में लिप्‍त पांच लड़कियों सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें दो दलाल भी शामिल हैं। पुलिस ने गिरोह के पास से ऑडी कार बरामद की है। कॉल गर्ल्स महंगी ऑडी कार में चलती थीं और हाईप्रोफाइल ग्राहकों को फांसती थीं। खास बात ये है कि इस गिरोह ने दक्षिणी दिल्ली के ही महरौली इलाके में चार लक्जरी फ्लैट खरीद रखे थे और पूरा रैकेट वहीं से चलाया जाता था। पकड़े गए दो दलाल कॉलगर्ल्स रैकेट चलाने वाली मशहूर सोनू पंजाबन के चचेरे भाई है। पकड़ी गई लड़कियों में से एक मुंबई की रहने वाली है।
दिल्‍ली पुलिस के हत्‍थे चढ़ी हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट की सरगना नगमा खान दुबई की रहने वाली है। ऐसा माना जा रहा है कि पूर्व में गिरफ्तार हुई अबतक की सबसे बड़ी सेक्‍स सरगना सोनू पंजाबन ने अपनी कमान नगमा को सौंप दी थी। पूरे मामले में खास बात यह है कि सोनू के बाद नगम ने जब कमान सौंपा तो उसने इस धंधे को ऑर्गेनाइज्‍ड कर दिया और एक कॉरपोरेट की तरह इसे चलाने लगी। नगमा लड़कियों के बदले ग्राहकों से एक रात के 15 से 50 हजार रुपये तक वसूलती थी।
ग्राहकों द्वारा दिए गये रकम में कॉलगर्ल्‍स का कोई हिस्‍सा नहीं होता था बल्कि नगमा उन्‍हें सैलरी देती थी। आप सुनकर शायद चौक जाएं कि नगमा लड़कियों को उनकी प्रोफाइल के अनुसार 1 लाख से 1.5 लाख रुपये तक सैलरी देती थी। नगमा उन लड़कियों को ज्‍यादा पैसे देती थी जो मुंबई, पूणे, गोवा, और बैंगलोर आकर ग्राहकों को खुश करती थी। पुलिस को शक है कि इस गिरोह में कई और बड़े नाम भी शामिल हो सकते हैं। फिलहाल इनका नेटवर्क खंगाला जा रहा है।
पूछताछ में पुलिस को इस बात का भी पता चला कि नगमा ने कॉलगर्ल्‍स की एक कैटगरी बाट रखी थी। नगमा ने लड़कियों को तीन श्रेणी 1 एक्‍स, 2 एक्‍स और 3 एक्‍स ग्रेड दिया हुआ था। 1 एक्‍स वाली कॉलगर्ल्‍स की कीमत सबसे कम (5 से 10 हजार रुपये) होती थी और वह गरीब परिवार और बैकवर्ड जगहों से संबंध रखती थी। 2 एक्‍स की श्रेणी में उसने मध्‍यमवर्गीय कॉलेज स्‍टूडेंट्स को रखा था जिसकी एक रात की कीमत 15 हजार रुपये थे। नगमा ने 3 एक्‍स श्रेणी में जिन युवतियों को रखा था उनकी कीमत 50 हजार से 75 हजार रुपये थी और मुबई की मॉडल थी।
नगमा उन्‍हें पांच सितारा होटलों और रेव पार्टियों में भी लड़कियों की सप्लाई करती थी। नगमा ने ग्राहकों के लिए बकायदा पैकेज बनाए हुए थे। मसलन एक लाख में एक हफ्ते के लिए छुट्टियों का पैकेज। गिरोह के तार दिल्ली-मुंबई व लखनऊ तक फैले हैं। वह हर दो माह में अपना ठिकाना बदलती थी। वह खुद ऑडी कार से चलती थी। उसके पास ए-4 सीरीज की कई लग्जरी कारें हैं। वह हर बार नया साल विदेशों में मनाने जाती है।
पुलिस के मुताबिक इस सेक्स रैकेट में दिल्ली की कुख्यात सेक्स रैकेट सरगना सोनू पंजाबन के दो चचेरे भाई भी गिरप्तार किए गए हैं। खुद पकड़ी गई लड़कियां भी चिल्ला चिल्ला कर कैमरे पर सोनू पंजाबन का नाम ले रही हैं। तो क्या जेल में बंद सोनू पंजाबन का भी इस सेक्स रैकेट से कुछ लेना देना है या फिर उसके भाई अब सोनू का धंधे को देख रहे हैं।
सूत्रों की माने तो इस रैकेट की सरगना नगमा असल में दिल्ली में सोनू पंजाबन के लिए ही काम कर रही है। मकोका एक्ट जेल में बैठी सोनू पंजाबन ने गिरफ्तारी के बाद नगमा को अपनी कमान सौंपी। जानकारी के मुताबिक सोनू पंजाबन के हाई प्रोफाइल ग्राहकों से सोनू के जरिए नगमा ने संपर्क साधा। सोनू नगमा को सेक्स रैकेट चलाने में अपनी एक्सपर्टीज के जरिए मदद करती है।

29 जून 2011

जयपुर में सेक्स रैकेट का खुलासा


इज्जत बिकाऊ नहीं होती.. इज्जत की खातिर लोग जान तक दे डालते हैं.. लेकिन 21वीं सदी का चेहरा देखिए.. यहां तो कुछ लोग अपने ही हाथों अपनी ही इज्जत का ही मोल भाव कर रहे हैं.. जवानी की दहलीज पर युवाओं के कदम पैसों की खातिर ऐसे बहकते हैं कि वो अपनी जिंदगी ही तबाह कर डालते हैं..जयपुर पुलिस ने दिल्ली की रहने वाली चार लड़कियों को गिरफ्तार किया है..जयपुर पुलिस ने लड़कियों को जिस्मफरोशी के आरोप में गिरफ्तार किया..लड़कियों के साथ पुलिस ने एक दलाल और एक होटल मैनेजर को भी अपने शिंकजे में लिया हैं..
जयपुर पुलिस को मुखबिर से खबर मिली थी कि सदर थाना इलाके के वैष्णवी होटल में जिस्मफरोशी हो रही है ..जिसके बाद पुलिस का एक जवान फर्जी ग्राहक बनकर होटल में दाखिल हुआ..होटल में दलालों से बातचीत के बाद अय्याशी के लिए लड़की मुहैया कराने की बात तय हो गई..जिसके बाद पुलिस ने होटल पर छापा मारकर चार लड़कियों समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया..पुलिस के मुताबिक दलालों ने लड़कियों को 60 से 70 हजार रूपये महीना तनख्वाह पर रखा था..और इन्हें बड़े-बड़े होटल और फॉर्महाउस में रईसजादों की रात रंगीन करने के लिए सप्लाई करते थे..
जिस्म और हुस्न के दलालों ने अब बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे शहरों में भी अपने पैर पसार लिए हैं..और लाखों के वारे न्यारे कर रहे हैं..जयपुर में सेक्स रैकेट का खुलासा होने के बाद अब पुलिस अलर्ट हो गई है..पुलिस अब ये पता लगाने में जुटी है कि आखिर इस गिरोह के तार आखिर कहां-कहां तक जुड़े हैं..और इस गिरोह में कौन लोग शामिल हैं..

21 मई 2011

अखबार की कद्र नहीं, खुद को पत्रकार बताती है..


21 मई 2011 शनिवार की सुबह तपती गर्मी से कुछ राहत देने वाली थी। कुछ देर की धुल भरी आंधी के बाद हल्की बारिश ने मौसम को सुहाना बना दिया था। हर दिन की तरह मैं दोपहर करीब एक बजे अपने दफ्तर पहुंचा। आपको बता दूं कि मैं एक पत्रकार हूं। मौसम सुहाना था लिहाजा काम शुरू करने से पहले मन किया कि चाय की चुस्की का लुत्फ क्यों ना लिया जाए। अक्सर बाकी काम के दिनों में लंच के वक्त ही चाय पीने का मौका करीब 4 से 5 बजे के बीच ही मिलता है। लेकिन शनिवार होने की वजह से काम का बोझ थोड़ा हल्का भी था। चाय पीने के लिए मैं अपनी टीम के एक सहयोगी के साथ दफ्तर के बाहर चाय वाले के पास जा धमका। चाय वाले के सामने एक अच्छी खासी जगह है जहां बैठकर दो चार मिनट पत्रकारगण बतिया लेते हैं। वहीं पर हम भी जा पहुंचे। सामने ऑफिस के ही कुछ मित्र भी मौजूद थे। उनमें एक महिला पत्रकार भी थी (अभी नई हैं लेकिन ख्वाब उंचे पाल रखें है) साथ ही अनुभव के मामले में भी मुझसे कुछ कम ही है। दिन की शुरूआत हुई थी लिहाजा मित्रों से हाथ मिलाया और एक दूसरे का हाल-चाल भी लिया। अचानक मेरी निगाह महिला पत्रकार पर पड़ी जोकि खुद को धुल मिट्टी से बचाने के लिए एक समाचार पत्र को बिछोना बनाकर बैठी थी। एक पत्रकार होने के नाते मुझे थोड़ा अजीब लगा। और अचानक मेरे मुंह से निकल पड़ा मित्र आपने ये क्या कर रखा है। समाचार पत्र हमारी रोजी रोटी है, हमें अपनी कलम को इस तरह शर्मसार नहीं करना चाहिए। जिस पत्र के साथ हमारे दिन की शुरूआत होती है। जिसके सहारे हम जिंदगी के ढेरों ख्वाब संजोए हुए हैं। उसकी बेकद्री न कीजिए। मुझे पूरी उम्मीद थी कि इस नवेली पत्रकार पर जरूर कुछ असर होगा और वो अपनी इस हरकत के लिए शर्मिंदगी महसूस करेगी। लेकिन अफसोस की मेरी सोच..मेरा विचार गलत था। क्योंकि हुआ इससे बिल्कुल उलट। इस पत्रकार मित्र ने ये कहकर और भी चौंका दिया कि वो दफ्तर से इस पेपर को महज इसलिए लेकर आई थी ताकि इसे अपना बिछौना बना सके। मैं ये सब सुनकर भौंचक्का रह गया। आगे कुछ बोलता या फिर वहां मौजूद कोई मित्र प्रतिक्रिया देता। उससे पहले ही मैडम ने जवाब दिया, कि अगर ये सब आप नहीं देख सकते तो अपनी नजरें क्यों नहीं फेर लेते। ज्यादा ही परेशानी है तो फिर कहीं और जाकर बैठ जाएं। बस फिर क्या था, बिना वक्त गंवाए मैं अपने सहयोगी के साथ दूसरे कोने में जाकर बैठ गया और कुछ देर में चाय वाला चाय लेकर आ गया। चाय की चुस्की के साथ बुदबुदाते हुए। दफ्तर वापस आ गया। मुझे लगा कि उस मुद्दे पर किसी के साथ चर्चा करने से बेहतर है कि मैं अपनी सारी कहानी कलम के सहारे उकेर दूं। और मैने वही किया। एक पत्रकार होने के नाते मेरे अब तक के अनुभव और कार्यकाल का ये दिन शायद सबसे दुखद था। जब एक मोहतरमा ओछी सोच के साथ एक सफल और जुझारू पत्रकार बनने का सपना देखती है। कुछ लोग इसे नॉर्मल बात भी समझ सकते हैं..लेकिन जिसकी आत्मा तक में पत्रकारिता बसती हो भला कैसे बर्दाश्त कर सकता है। कहने और करने के लिए तो मैं इस मुद्दे को हवा भी दे सकता था। लेकिन ये सब मेरी फितरत में नहीं है।

14 मई 2011

धार्मिक स्थलों से बाइक चुराने वाले दो गिरफ्तार

पटियाला,पंजाब 11 मई। पटियाला के त्रिपड़ी थाना क्षेत्र पुलिस ने दो मोटरसाइकिल चोरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान प्रिंस कुमार(23), प्रेमसी (25) के रुप में हुई है। इनके निशाने पर धार्मिक स्थलों रहा करते थे। जहां से दोनों बेहद शातिर अंदाज में मोटरसाईकिल चोरी की वारदातों को अंजाम दिया करते थे। डी.एस.पी “डी.एस बराड़” ने बताया के पुलिस को इस सम्बन्ध में कई शिकायतें मिली थी जिसमें गुरुद्वारा साहिब में आने वाले श्रद्दालु माथा टेकने आते हैं उनकी मोटरसाइकिल चोरी हो रही हैं। इस संबंध में पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की तो दो चोरों प्रिंस कुमार और प्रेमसी को गिरफ्तार किया गया। इनमें से एक पंजाबी भाग पटियाला और दूसरा भवानीगढ़ का रहने वाला है। पुलिस ने इनके पास से चोरी की सात मोटरसाइकिल बरामद की हैं। इनके खिलाफ मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इन शातिरों ने इससे पहले कहां कहां और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।

10 मई 2011

कांस्टेबल या कार चोर..

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने मनोज कुमार नाम के शख्स को दिल्ली में कार चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है..पुलिस ने मनोज के साथ उसके दो अन्य साथियों को भी गिरफ्तार किया..पुलिस के मुताबिक मनोज हरियाणा पुलिस का सिपाही है..और इन दिनों गुड़गांव के सिटी थाने में तैनात है.. मनोज ने जनकरी पुरी डिस्ट्रिक सेंटर के पार्किंग अटेंडेंट के साथ मिलकर वाहन चोरों का गिरोह तैयार कर रखा था..
वाहनों चोरों का ये शातिर गिरोह बीते कई महीनों से सिलसिलेवार तरीके से गाड़ियों और बाइक चोरी की वारदात को अंजाम दे रहा था.. बीती 18 अप्रैल को जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर से एक कार चोरी हुई..पुलिस इसी केस की तफ्तीश में जुटी थी..इसी बीच पुलिस के हाथ लगी पार्किंग में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज जिससे इस गिरोह की सारी हकीकत सामने आ गई..
मणिशंकर ने पुलिस के सामने सारी हकीकत तोते की तरह उगल दी.. उसने खुलासा किया कि वाहन चोरी में हरियाणा पुलिस का कांस्टेबल मनोज और दो अन्य लोग शामिल हैं..जिन्हें पुलिस ने अलग अलग इलाकों से गिरफ्तार कर लिया..जबकि मनोज को पुलिस ने गुड़गांव से अपने शिकंजे में लिया...
चुंकि इस बदमाश कंपनी का सरगना हरियाणा पुलिस का एक सिपाही था लिहाजा इस कंपनी के लोगों का ये गुरुर था कि वो पुलिस के शिकंजे से बचते रहेंगे लेकिन सीसीटीवी फुटेज बन गई इनकी गिरफ्तारी का सबब

पंजाब में बदमाश कंपनी..

सतनाम सिंह नाम के शख्स को फतेहगढ साहिब पुलिस ने गिरफ्तार किया है..सतनाम सिंह एक ऐसे परिवार का मुखिया है जिसने लंबे समय से पंजाब पुलिस की नाक में दम कर रखा था.. फतेहगढ़ साहिब में पुलिस ने सतनाम सिंह को बीते सालों में लूटपाट की कई वारदातों के सिलसिले में गिरफ्तार किया है..पुलिस के मुताबिक सतनाम ने पूरी बदमाश कंपनी तैयार कर रखी थी.. जिसमें उसी के परिवार के लोग शामिल थे.. लूट को अंजाम देने के लिए इसने अपनी पत्नी और बेटे को भी गिरोह में शामिल कर रखा था..
पुलिस के मुताबिक बीते कई महीनों से फतेहगढ़ साहिब में कारोबारियों से लूटपाट की वारदात अंजाम दी जा रही थी..पुलिस ने इसी सिलसिले में दो लूटेरों के स्केच जारी किए..जिसके बाद पुलिस ने गुप्त सूचना पर सतनाम सिंह को गिरफ्तार कर लिया.. पुलिस की मानें तो सतनाम सिंह साल 1984 से वारदातों को अंजाम दे रहा था.. लूट के एक मामले में तो सतनाम करीब पांच साल तक जेल भी गया.. लेकिन बाहर निकलने के बाद इसने अपने बेटे और बीवी के साथ मिलकर बदमाश कंपनी तैयार की..
बदमाश कंपनी में परिवार के लोगों को शामिल करने के पीछे खास मकसद था.. और ये मकसद था लूट की सारी रकम घर में लाना...इन लोगों का सोचना था कि अगर गिरोह में बाहर के लोग होंगे तो लूट की रकम को बांटना होगा..औऱ गिरोह में घर के ही लोग होंगे तो लूट की सारी रकम घर में ही आयेगी.. इतना ही नहीं ये लोग लूट की बडी वारदात को अंजाम देते थे.. हाल ही में सतनाम ने अपने बेटे के साथ मिलकर 29 मार्च को एक कारोबारी से लूट की वारदात को अंजाम दिया था..
वारदात को अंजाम देने से पहले ये लोग अपने शिकार की रेकी करते थे.. इस काम में सतनाम के दो रिश्तेदार उसकी मदद करते.. जबकि वारदात के बाद मौके से फरार होने में सतनाम की पत्नी मदद करती थी.. लंबे अर्से तक पुलिस की नाक में दम करने वाले इस गिरोह के मुखिया सतनाम को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर ही लिया.. लेकिन अभी गिरोह में शामिल सतनाम का बेटा, पत्नी और दो रिश्तेदार फरार हैं पुलिस उनकी तलाश कर रही है.. पुलिस ने सतनाम के पास से लूट के करीब दो लाख रूपये..एक लाल बत्ती लगी कार..एक पिस्टल और अन्य कीमती सामान बरामद किया है.. गिरोह पर कोई शक ना करे इसके लिए पूरा परिवार लाल बत्ती लगी कार में घुमता था..
पंजाब के कई इलाकों में ताबड़तोड़ वारदात कर सतनाम ने पुलिस को खूब छकाया.. लेकिन पुलिस की गिरफ्त से बच ना सका..और अब पुलिस गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की शिद्दत से तलाश कर रही है...ताकि एक ही परिवार की ये पूरी बदमाश कंपनी पहुंच सके सलाखों के पीछे...

बाबा की काली करतूत..

माथे पर तिलक..गले में एक दो नहीं चार चार मालाएं..और लंबी दाढ़ी.. शुरूआती दौर में ऐसी तस्वीर को देखकर कोई भी कहेगा कि ये साधू है...जी हां वो शख्स जिसका दुनियादारी से रिश्ता कम बल्कि अध्यात्म से ज्यादा होता है...लेकिन ये बात कतई जरूरी नहीं की जो बाहरी तौर पर बाबा दिखाई दे..उसका मन भी भगवान में ही रमा हो..रेवानंद उर्फ रेवतसिंह नाम के एक बाबा को जोधपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है..बाबा का जुर्म है एक नाबालिग लड़की को अपने जाल में फांसकर उससे शादी करने का.. रेवानंद इन दिनों जोधपुर के चौपासनी इलाके के हाउसिंग बोर्ड के सेक्टर 23 में रह रहा था..शक होने पर जब पुलिस ने पुछताछ की तो बाबा के जुर्म का खुलासा हुआ.. पुलिस को पता चला कि रेवानंद पर गुजरात के भाभर थाने में नाबालिग के अपहरण का मुकदमा दर्ज है..
पुलिस ने हिरासत में लेकर जब रेवतसिंह से पुछताछ की तो खुलासा हुआ कि रेवतसिंह मूलरूप से गुजरात का रहने वाला है..और गुजरात के बनासकांठा के भाभर थाना इलाके में एक गौशाला चलाता है.. जहां पर ये दुनियादारी छोड़ सन्यासी हो गया.. गौशाला में ही एक गरीब परिवार काम करता था..इसी दौरान परिवार की नाबालिग बेटी से रेवानंद इश्क कर बैठा..और हैरत की बात देखिए की सन्यासी बने रेवानंद ने गृहस्थी बसाने का मन बना लिया..और नाबालिग लड़की को भगाकर जोधपुर ले आया..यहां अपनी दाढी मुछ कटाकर रहने लगा..
रेवानंद ने नाबालिग लड़की से ब्याह रचाकर ना केवल साधू संतों की मान मर्यादा को मिट्टी में मिला दिया..बल्कि खुद भी गुनहगार बन बैठा.. रेवानंद की विलासिता की जिंदगी भोगने की ख्वाहिश ने उसे कानून की दहलीज पर ला दिया..जहां अब उसे अपने गुनाहों की सजा भुगतनी पड़ेगी..